Stock Market Rally: शेयर बाजार में असली दिवाली! 5 दिन में निवेशकों ने छापे 20.8 लाख करोड़ रुपये

Indian Stock Market: पिछले 5 दिनों से सेंसेक्स करीब 4,055 अंकों से अधिक मजबूत हुआ है, जिससे निवेशकों की कुल संपत्ति में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सिर्फ बुधवार के कारोबारी दिन बीएसई-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर ₹493.44 लाख करोड़ हो गया,

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शेयर बाजारों में पिछले 5 दिनों से जोरदार तेजी. (Photo: AI) शेयर बाजारों में पिछले 5 दिनों से जोरदार तेजी. (Photo: AI)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:26 PM IST

अचानक शेयर बाजार की चाल बदल गई है. पिछले 5 दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है. जबकि इस दौरान दुनियाभर के बाजार दबाव में हैं. खासकर अमेरिकी बाजार पर गिरावट हावी है. लेकिन भारतीय बाजार बेफिक्र होकर आगे बढ़ रहा है. बाजार में लौटी तेजी से निवेशकों ने राहत की सांस ली है.  

आंकड़ों को देखें तो पिछले 5 कारोबारी सत्र के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 4,055 अंकों से अधिक मजबूत हुआ है, जिससे निवेशकों की कुल संपत्ति में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस बीच बुधवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 383.55 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,301.40 के स्तर पर बंद हुआ. 

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वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी बुधवार को 149.75 अंक या 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ 23,960.60 पर बंद हुआ. पिछले 5 दिनों में निफ्टी में कुल 1,261.75 अंकों की तेजी आ चुकी है.

निवेशकों की संपत्ति में बंपर बढ़ोतरी
पिछले लगातार 5 दिनों की तेजी ने निवेशकों की झोली भर दी है. सिर्फ बुधवार के कारोबारी दिन बीएसई-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर ₹493.44 लाख करोड़ हो गया, जिससे एक दिन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹6.65 लाख करोड़ का इजाफा हुआ. अगर पिछले पांच सत्रों के कुल लाभ को देखा जाए, तो निवेशकों की कुल संपत्ति में ₹20.81 लाख करोड़ की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

ब्रॉड मार्केट का शानदार प्रदर्शन
इस तेजी के दौरान बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉल कैप (Mid-cap and Small-cap) ने अधिक ताकत दिखाई है. निफ्टी मिडकैप 100 में 1.55 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई. सेक्टर के हिसाब से बात करें तो आईटी को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए. जिसमें मीडिया, रियल्टी और मेटल शेयरों की अगुवाई सबसे आगे रही.

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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव का असर
बाजार जानकारों के अनुसार इस तेजी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं. आगामी केंद्रीय बजट में टैक्स राहत की खबर ने बाजार में जोश भरा है. खासकर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में कटौती पर विचार को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक बयान आया है. इस संभावित राहत से निवेशकों का भरोसा थोड़ा मजबूत हुआ है.

इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी थोड़ी राहत मिली है, बेहतर तिमाही नतीजों और त्योहारी सीजन के दौरान मजबूत मांग ने बाजार के मनोबल को ऊंचा रखा है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार चौथे सत्र में मजबूत हुआ है और डॉलर के कमजोर होने तथा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से घरेलू बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला है. 

वहीं अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख देखा गया. इससे ट्रेड और टैरिफ नीतियों को लेकर संतुलित दृष्टिकोण की उम्मीद जगी है, जिससे उभरते बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के निवेश को बढ़ावा मिल सकता है. 

इस बीच एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग और अर्निंग्स विजिबिलिटी के कारण निकट भविष्य में बाजार का रुख सकारात्मक बना रह सकता है, हालांकि भू-राजनीतिक जोखिमों और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते बीच-बीच में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. 

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(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहली वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)

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