आपका भी LPG कनेक्‍शन हो सकता है बंद... फटाफट करें ये काम, सरकार का नया नियम

एलपीजी कनेक्‍शन को लेकर सरकार ने कुछ नियमों को सख्‍त किया है, जिसके तहत अब आपको ई-केवाईसी वेरिफिकेशन कराना होगा. साथ ही अगर पीएनजी का कनेक्‍शन है, तो आपको अपने एलपीजी गैस सिलेंडर कनेक्‍शन को सरेंडर करना पड़ सकता है.

Advertisement
एलपीजी गैस सिलेंडर का नया नियम. (Photo: File/ITG) एलपीजी गैस सिलेंडर का नया नियम. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली ,
  • 02 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:15 PM IST

वेस्‍ट एशिया में जंग के कारण मिडिल ईस्‍ट से गैस और तेल का आयाता पूरे फ्लो के साथ नहीं आ पा रहा है, जिस कारण भारत में गैस के दाम में उछाल और पैनिंग बाइंग जैसी समस्‍याएं देखने को मिली है. ऐसे में सरकार ने एलपीजी बुकिंग और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को लेकर कुछ नियमों को सख्‍त किया है, जो एक मई से देशभर में लागू हो रहे हैं. 

Advertisement

इसी में से एक नियम डबल गैस कनेक्‍शन को लेकर है. सरकार का कहना है कि अगर आपके पास एलपीजी गैस सिलेंडर का कनेक्‍शन है और आपके घर पर या घर के आसपास पीएनजी पाइपलाइन का भी कनेक्‍शन है, तो आपको अपने LPG सिलेंडर को सरेंडर करना पड़ेगा. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो भी आपको तेल कंपनियों की ओर से गैस की सप्‍लाई नहीं की जाएगी. साथ ही आपको केवाईसी गाइडलाइन का भी पालन करना होगा, बिना केवाईसी के भी सिलेंडर रिफील करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

इस कारण कई परिवारों के लिए, 1 मई से सब्सिडी वाले खाना पकाने के गैस सिलेंडरों तक पहुंच खत्‍म हो जाएगाी. तेल कंपनियों द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों का उद्देश्य डुप्लिकेट कनेक्शन, सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दुरुपयोग और निष्क्रिय खातों पर अंकुश लगाना है. 

Advertisement

ई-केवाईसी वेरिफिकेशन
अगर आपके पास भी एलपीजी का कनेक्‍शन है तो आपको आधार बेस्‍ड ई-केवाईसी वेरिफिकेशन फटाफट करवा लेना चाहिए. जिन उपभोक्ताओं का आधार कार्ड वेरिफिकेशन अधूरा है, उन्हें वेरिफिकेशन पूरा होने तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल सकती है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन कस्‍टमर्स ने पहले ही अथेंटिफिकेशन पूरा कर लिया है, उन्हें यह प्रक्रिया दोहराने की आवश्यकता नहीं होगी. 

इसके अलावा, कई क्षेत्रों में ओटीपी आधारित डिलीवरी अनिवार्य होता जा रहा है. ग्राहकों को उनके रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर पर एक डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड प्राप्त होगा, और ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद ही सिलेंडर दिया जाएगा. खबरों के मुताबिक, तेल कंपनियां घरेलू सिलेंडरों की जमाखोरी और व्यावसायिक हेराफेरी को कम करने के प्रयास में बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतर को भी बढ़ा रही हैं. 

 जून 2025 से पहले एलपीजी रिफिल करवाने वालों को भी करना होगा वेरिफाई 
सबसे बड़ा जोखिम उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनके केवाईसी रिकॉर्ड अधूरे या पुराने हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन परिवारों ने जून 2025 से पहले एलपीजी सिलेंडर रिफिल करवाया था, उन्हें संभावित निष्क्रिय उपयोगकर्ता के रूप में माना जाएगा. ऐसे उपभोक्ता ई-केवाईसी वेरिफिकेशन पूरा होने तक नए सिलेंडर ऑर्डर नहीं कर पाएंगे.  

अब दो कनेक्‍शन नहीं 
जांच के दायरे में आने वाली एक अन्य कैटेगरी में वे घर शामिल हैं, जिनके पास पहले से ही PNG का पाइपलाइन कनेक्शन है. अधिकारी दोहरे ईंधन का उपयोग करने वाले घरों की पहचान करने के लिए एलपीजी और पीएनजी डेटाबेस को रजिस्‍टर्ड कर रहे हैं. कई मामलों में, एक्टिव पीएनजी कनेक्शन वाले यूजर्स सब्सिडी वाले एलपीजी रिफिल या यहां तक ​​कि नए एलपीजी कनेक्शन के लिए भी योग्‍यता खो सकते हैं. 

Advertisement

यूजर्स को क्‍या करना चाहिए? 

  • अपने एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटर के साथ आधार बेस्‍ड ई-केवाईसी प्रॉसेस पूरा करें. 
  • तय करें कि ओटीपी डिलीवरी के लिए उनका मोबाइल नंबर अपडेट किया गया हो. 
  • सब्सिडी ट्रांसफर के लिए यह जांच लें कि आधार बैंक खातों से ठीक से जुड़ा हुआ है या नहीं. 
  • यह देखें कि इनएक्टिव या डुप्लिकेट कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं. 
  • क्‍या आपका एरिया पीएनजी कनेक्‍शन के तहत आता है या नहीं. 
---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement