दिवाली (Diwali 2026) आ रही है और रोशनी के इस पर्व पर दोस्तों-परिवारों के बीच तोहफे बांटने का चलन पुराना है. लेकिन ये Diwali Gift लेने से पहले कुछ सावधानियां नहीं बरती गईं, तो फिर आप टैक्स के जाल में फंस सकते हैं और इनकम टैक्स के राडार पर आ सकते हैं. ऐसे में आपके लिए ये जानना जरूरी है कि कितनी कीमत तक के उपहार टैक्स फ्री (Tax Free Gift) हैं और किन पर टैक्स लगता है.
₹50000 वाली लिमिट का रखें ध्यान
दिवाली पारंपरिक रूप से रोशनी, तोहफों, कैश गिफ्ट और त्योहारों के बोनस के लेन-देन से जुड़ी है, लेकिन, दोस्तों के अलावा साथ काम करने वालों या पड़ोसियों से दिवाली गिफ्ट के तौर पर पैसे लेने पर अचानक आप इनकम-टैक्स की नजर में भी आ सकते हैं. कई टैक्सपेयर्स को लगता है कि वे हर व्यक्ति से ₹50,000 तक टैक्स-फ़्री पा सकते हैं. भारत के इनकम-टैक्स नियमों के तहत यह अनुमान महंगा भी पड़ सकता है.
दरअसल, ऐसा इसलिए है क्योंकि ₹50,000 की टैक्स-फ़्री लिमिट टैक्स ईयर के दौरान मिली कुल रकम पर लागू होती है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग नहीं. अगर कुल गिफ्ट इस लिमिट से ज्यादा हो जाते हैं, तो पूरी रकम टैक्सेबल कैटेगरी में आ जाती है.
कैसे लागू होती है 50k टैक्स लिमिट?
चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ. सुरेश सुराणा बताते हैं कि अनुसार, ₹50,000 की छूट की सीमा एक टैक्स ईयर के दौरान मिले क्वालिफाइंग मॉनेटरी गिफ्ट्स की कुल वैल्यू पर लागू होती है, चाहे उन्हें देने वाले लोगों की संख्या कुछ भी हो. उन्होंने कहा, 'इनकम-टैक्स एक्ट (ITA), 2025 के सेक्शन 92(2)(m) के तहत, कोई भी व्यक्ति दोस्तों या साथ काम करने वालों, पड़ोसियों या दूसरे गैर-रिश्तेदारों से एक टैक्स साल में कुल 50,000 रुपये तक के ही कैश गिफ्ट ले सकता है, जिस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.'
जब गिफ्ट की कुल रकम इस लिमिट से ज्यादा हो जाती है, तो फिर टैक्स का असर देखने को मिलने लगता है. सुराणा के मुताबिक, अगर ऐसे गिफ्ट की कुल कीमत 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो मिली पूरी रकम टैक्सेबल हो जाएगी, न कि सिर्फ 50,000 से ऊपर की रकम पर ही टैक्स लगेगा.
इसे उदाहरण के तौर पर सझें, तो अगर व्यक्ति को उसके एक दोस्त से दिवाली पर ₹50,000 का गिफ्ट मिला और दूसरे से ₹40,000 का. ऐसे में इनकी कुल कीमत तय लिमिट से ज्यादा हो जाएगा और पूरे ₹90,000 पर टैक्स बनेगा. इस स्थित में पहले मिलने वाले ₹50,000 के गिफ्ट पर टैक्स कटौती का दावा नहीं किया जा सकता है. इस 90 हजार की राशि पर बने टैक्स को उसकी कुल टैक्सेबल इनकम में जोड़ा जाता है और एक्स्ट्रा टैक्स उनके लागू इनकम-टैक्स स्लैब और दूसरे हालात पर निर्भर करता है.
₹90,000 पर कितना टैक्स देना होगा?
ऊपर बताए गए उदाहरण के तौर पर मान लें कि पूरे ₹90,000 पर एक ही मार्जिनल रेट से टैक्स लगता है. ऐसे में उसकी देनदारी...
मार्जिनल टैक्स रेट ₹90,000 पर टैक्स 4% Cess के साथ
5% ₹4,500 ₹4,680
10% ₹9,000 ₹9,360
20% ₹18,000 ₹18,720
30% ₹27,000 ₹28,080
ये उदाहरण महज कैलकुलेशन है, असल में एक्स्ट्रा टैक्स टोटल इनकम, चुने गए टैक्स सिस्टम, लागू स्लैब बाउंड्री, रिबेट और सरचार्ज जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करता है.
परिवार के सदस्यों से मिले गिफ्ट पर टैक्स
एक्सपर्ट सुराणा ने साफ किया कि दिवाली पर कुछ खास रिश्तेदारों से मिले तोहफो पर आम तौर पर इनकम टैक्स नहीं लगता, चाहे उनकी कीमत 50 हजार रुपये से कितनी भी ज्यादा हो. इन खास रिश्तेदारों में पति-पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी, बच्चे और कानूनी मान्यता प्राप्त कुछ दूसरे पारिवारिक रिश्तेदार शामिल हैं. इसे ऐसे समझें कि आपको माता-पिता से ₹2 लाख का गिफ्ट लेने पर टैक्स नहीं लगेगा, जबकि इसी रकम का गिफ्ट अगर दोस्त देता है, तो टैक्स लागू होगा.
आजतक बिजनेस डेस्क