घर खरीदने या पर्सनल लोन लेने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सिबिल (CIBIL) स्कोर एक महत्वपूर्ण पहलू हो जाता है. CIBIL का मतलब है 'क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड'. यह 300 से 900 के बीच का तीन अंकों वाला एक नंबर होता, जो आपकी लोन लेने की योग्यता और पुराने लोन चुकाने के रिकॉर्ड को मापता है. यदि किसी व्यक्ति का सिबिल स्कोर 900 के करीब है, तो यह दर्शाता है कि वह जिम्मेदारी से अपना उधार चुका रहा है. अच्छा सिबिल स्कोर लेंडर्स को यह भरोसा देता है कि अगर वे किसी को पैसे उधार दे रहे हैं, तो डिफॉल्ट का रिस्क कम है.
आपका क्रेडिट स्कोर कमजोर है, तो लोन मिलना मुश्किल हो सकता है. हालांकि, कुछ मामलों में 6 महीने के भीतर क्रेडिट स्कोर में सुधार दिखाई दे सकता है. यह खासतौर पर तब संभव है, जब स्कोर हाल की मिस्ड पेमेंट, ज्यादा क्रेडिट कार्ड यूटिलाइजेशन या क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज किसी गलत जानकारी की वजह से गिरा हो. सुधार कितना और कितनी जल्दी होगा, यह आपकी मौजूदा क्रेडिट प्रोफाइल और रिपोर्ट में मौजूद जानकारी पर निर्भर करता है.
क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड के मुताबिक, क्रेडिट स्कोर पर पेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट यूटिलाइजेशन, क्रेडिट हिस्ट्री की उम्र और क्रेडिट इन्क्वायरी जैसे कारकों का असर पड़ता है. इसलिए केवल नया लोन लेकर या नया क्रेडिट कार्ड लेकर सिबिल स्कोर सुधारने की कोशिश पर्याप्त नहीं है. पहले यह समझना जरूरी है कि स्कोर कमजोर होने की वजह क्या है.
1. ईएमआई और बिल समय पर चुकाएं
सिबिल स्कोर सुधारने के लिए सबसे जरूरी है कि हर क्रेडिट कार्ड बिल और लोन की ईएमआई (Equated Monthly Instalment) का भुगतान तय तारीख पर किया जाए. लेट पेमेंट, मिस्ड पेमेंट और डिलिंक्वेंसी स्कोर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर कोई बकाया रकम है, तो उसे चुकाना बेहतर है. हालांकि, पुरानी निगेटिव जानकारी तुरंत रिपोर्ट से गायब नहीं होती और कुछ समय तक क्रेडिट हिस्ट्री में दिखाई दे सकती है.
2. क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कम करें
सिर्फ समय पर बिल चुकाना ही काफी नहीं है. अगर आपके क्रेडिट कार्ड का बैलेंस लगातार ज्यादा रहता है, तो इसका असर क्रेडिट प्रोफाइल पर पड़ सकता है. इसे क्रेडिट यूटिलाइजेशन कहा जाता है, यानी आपकी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में से आप कितना इस्तेमाल कर रहे हैं. अगले कुछ महीनों में कार्ड लिमिट का बड़ा हिस्सा लगातार इस्तेमाल करने से बचें. बैलेंस कम रखने और अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण से क्रेडिट प्रोफाइल बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.
3. बार-बार लोन के लिए अप्लाई न करें
कम समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करना भी आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकता है. हर आवेदन पर लेंडर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच कर सकता है, जिससे कई क्रेडिट इन्क्वायरी दर्ज हो सकती हैं. अगर किसी लोन या कार्ड का आवेदन रिजेक्ट हो जाता है, तो तुरंत कई दूसरे लेंडर्स के पास आवेदन करने के बजाय पहले रिजेक्शन की वजह समझें और उसे सुधारने की कोशिश करें.
4. क्रेडिट रिपोर्ट में गलती जरूर चेक करें
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को नियमित रूप से चेक करना भी जरूरी है. इसमें किसी अनजान अकाउंट, गलत बकाया रकम, गलत लेट पेमेंट या बंद हो चुके लोन के अभी भी एक्टिव दिखने जैसी गलतियां हो सकती हैं. अगर रिपोर्ट में कोई जानकारी गलत है, तो उसे ठीक कराने के लिए संबंधित क्रेडिट ब्यूरो के पास डिस्प्यूट दर्ज किया जा सकता है. खासतौर पर हाल में लोन या क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाने के बाद रिपोर्ट अपडेट हुई है या नहीं, इसकी जांच करना उपयोगी है.
5. पुराने क्रेडिट कार्ड को तुरंत बंद न करें
पुराने क्रेडिट कार्ड को केवल इसलिए बंद करना जरूरी नहीं है कि आप उसका इस्तेमाल कम करते हैं. क्रेडिट हिस्ट्री की उम्र भी क्रेडिट प्रोफाइल का एक हिस्सा होती है. पुराने अकाउंट को बंद करने से आपकी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट घट सकती है. अगर खर्च का स्तर वही रहता है, तो उपलब्ध लिमिट कम होने के कारण क्रेडिट यूटिलाइजेशन बढ़ सकता है. इसलिए किसी पुराने कार्ड को बंद करने से पहले अपनी पूरी क्रेडिट प्रोफाइल और उपलब्ध लिमिट पर इसके असर को जरूर देखें.
छह महीने में कितना सुधरेगा सिबिल स्कोर?
अगर आप होम लोन या पर्सनल लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो अगले 6 महीने क्रेडिट प्रोफाइल सुधारने के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं. इस दौरान EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं, कार्ड बैलेंस कम रखें, क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करें और अनावश्यक नए लोन या कार्ड के लिए आवेदन करने से बचें. हालांकि, 6 महीने में स्कोर कितना बढ़ेगा, इसका कोई तय आंकड़ा नहीं दिया जा सकता.
जिन लोगों की रिपोर्ट में पुराने या गंभीर डिफॉल्ट दर्ज हैं, उन्हें सुधार के लिए ज्यादा समय लग सकता है. साथ ही, ऐसे किसी व्यक्ति या कंपनी के दावे से सावधान रहें जो पैसे लेकर तुरंत क्रेडिट स्कोर बढ़ाने की गारंटी दे. क्रेडिट स्कोर में सुधार आमतौर पर सही भुगतान व्यवहार, कम कर्ज और समय के साथ अपडेट होने वाली क्रेडिट जानकारी पर निर्भर करता है.
आजतक बिजनेस डेस्क