8th Pay Commission: बेसिक पे + DA + 2.1 फिटमेंट फैक्टर... 106% बढ़ जाएगी सैलरी! सझमें पूरा हिसाब-किताब

केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी से जुड़ी एक अहम मांग 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के सामने पहुंच गई है. कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि महंगाई भत्ते (DA) का एक हिस्सा बेसिक पे में मर्ज किया जाए. 8वें वेतन आयोग की इस मुद्दे पर बैठकें शुरू हो चुकी हैं और अब 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ में अगला दौर होगा.

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 8वें वेतन आयोग में अगर बेसिक पे और डीए मर्जर होता है तो 2033 तक लेवल-1 और लेवल-6 कर्मचारियों की सैलरी डबल हो जाएगी. (Photo: ITG/@Gfx) 8वें वेतन आयोग में अगर बेसिक पे और डीए मर्जर होता है तो 2033 तक लेवल-1 और लेवल-6 कर्मचारियों की सैलरी डबल हो जाएगी. (Photo: ITG/@Gfx)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:24 AM IST

केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी से जुड़ी एक पुरानी मांग एक बार फिर चर्चा में है. कर्मचारी संगठनों की 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से मांग है कि महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) का एक हिस्सा बेसिक पे (Basic Pay) में मर्ज किया जाए. अगर ऐसा होता है तो सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े दूसरे भत्तों और भविष्य की वेतन बढ़ोतरी पर भी असर पड़ सकता है. हालांकि, अभी DA मर्जर को लेकर सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं हुआ है.

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इसी मुद्दे पर 8वें वेतन आयोग ने 9 सितंबर 2026 से पुडुचेरी में कर्मचारियों और दूसरे पक्षों से बातचीत शुरू की है. इससे पहले चेन्नई में भी बैठकें हो चुकी हैं. अब अगला दौर 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़ में होगा. इसमें कर्मचारी, पेंशनर और दूसरे संबंधित पक्ष अपनी मांगें और सुझाव आयोग के सामने रखेंगे.

बेसिक पे में DA मर्जर से क्या होगा?

फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को साल में दो बार DA में बढ़ोतरी मिलती है. यह बढ़ोतरी जनवरी और जुलाई से प्रभावी होती है. लेकिन DA बढ़ने के बावजूद यह मौजूदा व्यवस्था में बेसिक पे का हिस्सा नहीं बनता. कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि DA का एक हिस्सा बेसिक पे में मर्ज होने से कम बेसिक पे वाले कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिल सकता है.

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ऑल इंडिया नेशनल पेंशनर्स एंड सुपरएनुएट्स फेडरेशन (AINPSEF) का अनुमान है कि DA मर्जर और वेतन संशोधन जैसी मांगों पर फैसला होने से कर्मचारियों की कुल सैलरी में बड़ा अंतर आ सकता है. AINPSEF के एक अनुमान के मुताबिक, लेवल-1 कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी 1 जनवरी 2033 तक करीब ₹77,694 पहुंच सकती है. यह 1 जनवरी 2026 के अनुमानित रिवाइज्ड बेसिक पे ₹37,800 से करीब 106% ज्यादा है.

कर्मचारी संगठनों ने क्या मांग रखी?

अलग-अलग कर्मचारी संगठनों की DA मर्जर को लेकर मांग एक जैसी नहीं है. नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल एम्प्लॉइज (NFPE) और AINPSEF ने 25% DA पर मर्जर का सुझाव दिया है. वहीं, इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) और पेंशनर्स एंड सीनियर सिटीजन एसोसिएशन (PSNM) ने 50% DA पर मर्जर की लिमिट सुझाई है. नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने मेमोरेंडम में DA के 25% से ज्यादा होने पर उसे बेसिक पे में मर्ज करने की सिफारिश की है.

कुछ संगठनों ने सिर्फ DA मर्जर ही नहीं, बल्कि दूसरे भत्तों में भी बड़ी बढ़ोतरी की मांग की है. NC-JCM और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने सभी अलाउंस को तीन गुना करने और उन्हें DA की बढ़ोतरी से जोड़ने का सुझाव दिया है. इंक्रीमेंट को लेकर भी अलग-अलग प्रस्ताव हैं. NFPE, NC-JCM और AIDEF ने 6%, AINPSEF और PSNM ने 7%, जबकि IRTSA ने 5% इंक्रीमेंट की सिफारिश की है.

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लेवल-1 कर्मी की सैलरी पर क्या असर

इसे एक उदाहरण से समझते हैं. मौजूदा व्यवस्था में लेवल-1 कर्मचारी का शुरुआती बेसिक पे ₹18,000 है. अगर 8वें वेतन आयोग के लिए 2.1 का फिटमेंट फैक्टर मान लिया जाए तो 1 जनवरी 2026 से रिवाइज्ड बेसिक पे ₹37,800 बनता है. ऑल इंडिया नेशनल पेंशनर्स एंड सुपरएनुएट्स फेडरेशन के अनुमान में 1 जनवरी 2032 तक बेसिक पे करीब ₹56,728 और DA की रकम करीब ₹13,615 बताई गई है.

इसके बाद 1 जनवरी 2033 तक ग्रॉस सैलरी करीब ₹77,694 का अनुमान दिया गया है. हालांकि, DA मर्जर होने की स्थिति में 1 जनवरी 2033 पर लेवल-1 कर्मचारी का नया बेसिक पे कितना होगा, यह अभी तय नहीं है. इसका वास्तविक आंकड़ा तभी सामने आएगा जब सरकार DA मर्जर और वेतन संशोधन के प्रस्ताव पर फैसला करेगी.

लेवल-6 कर्मचारी के लिए क्या अनुमान

लेवल-6 कर्मचारी का उदाहरण लें तो मौजूदा शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 है. 2.1 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 1 जनवरी 2026 का रिवाइज्ड बेसिक पे ₹74,340 माना गया है. ऑल इंडिया नेशनल पेंशनर्स एंड सुपरएनुएट्स फेडरेशन के अनुमान के मुताबिक, 1 जनवरी 2032 तक बेसिक पे करीब ₹1,11,564 और DA की रकम ₹26,775 हो सकती है. वहीं, 1 जनवरी 2033 तक ग्रॉस सैलरी करीब ₹1,52,798 पहुंचने का अनुमान है. यह रकम ₹74,340 के रिवाइज्ड बेसिक पे से दोगुने से ज्यादा है. लेकिन यहां भी ध्यान रखना जरूरी है कि ये कर्मचारी संगठनों के अनुमान हैं, सरकार की ओर से घोषित वेतन नहीं.

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कर्मचारियों के लिए क्या है इसका मतलब

अगर DA का कुछ हिस्सा बेसिक पे में मर्ज किया जाता है तो इसका असर सिर्फ उस महीने की सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा. बेसिक पे बढ़ने से बेसिक से जुड़े कुछ भत्तों और भविष्य की वेतन गणना पर भी असर पड़ सकता है. यही वजह है कि कर्मचारी संगठन DA मर्जर की मांग कर रहे हैं. लेकिन फिलहाल इसे लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. 8वां वेतन आयोग अलग-अलग कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की मांगों को सुन रहा है. आयोग की सिफारिश के बाद सरकार को इस पर फैसला करना होगा.

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