अमेरिका-ईरान के बीच डील होने के बाद कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है, जिससे स्टॉक मार्केट में तेजी देखी जा रही है. लेकिन कमोडिटी से लेकर सर्राफा बाजार तक सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है.
मल्टी कमोडिटी मार्केट में 5 अगस्त फ्यूचर के लिए सोने की कीमत करीब 200 रुपये गिरकर 1,52,740 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. जबकि 3 जुलाई फ्यूचर वाली चांदी की कीमत 2200 रुपये गिरकर 2,49,330 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी.
इसी तरह, सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली. सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 550 रुपये गिरकर 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर था. 22 कैरेट सोने का भाव 500 रुपये गिरकर 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था.
18 कैरेट सोने की कीमत 400 रुपये टूटकर 1.12 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर था. इसी तरह, चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली, जो 4400 रुपये टूटकर 2.47 लाख रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी. हालांकि, सोने-चांदी के भाव में इतनी गिरावट क्यों आई है. इसके पीछे कई कारण दिखाई देते हैं.
मुनाफावसूली
अमेरिका और ईरान में शांति समझौता होने के बाद निवेशक सेफ हैवेन माने जाने वाले सोने-चांदी से पैसा निकालकर शेयर बाजार और अन्य मार्केट में पैसा निकाल रहे हैं. जिस कारण इसमें प्रॉफिट बुकिंग देखी जा रही है.
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर नजर
बाजार की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर हैं. अगर फेड ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेत देता है, तो सोने और चांदी पर दबाव बढ़ सकता है. इस कारण भी सोने और चांदी के भाव में गिरावट आई है.
डॉलर और बॉन्ड यील्ड का असर
जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है और बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो सोने और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं. इससे इनकी कीमतों पर दबाव पड़ता है.
(नोट- सोना-चांदी जैसे किसी भी असेट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)