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Gold Silver News: अचानक सरकार का एक फैसला... अब ज्वेलरी होगी सस्ती?, स्टॉक्स बने रॉकेट

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 06 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST
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सोमवार यानी 6 अप्रैल को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान 15 फीसदी तक की शानदार रैली रही. कारोबार के अंत में Senco Gold के शेयर करीब 11 फीसदी चढ़कर बंद हुआ. जबकि ट्रेडिंग के दौरान शेयर 15 फीसदी से ज्यादा उछल गया था. (Photo: AI Generated) 

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इस तेजी का मुख्य कारण केंद्र सरकार का एक फैसला है, सरकार ने सोने और चांदी की बेस इम्पोर्ट प्राइस (Base Import Price) में बड़ी कटौती कर दी है. सरकार के इस कदम से बुलियन मार्केट और ज्वेलरी स्टॉक्स को लेकर निवेशकों का नजरिया अचानक बदल गया, जिससे सोमवार को बाजार खुलते ही खरीदारी की होड़ मच गई. बता दें, सरकार के इस फैसले से पहले MCX पर गोल्ड और सिल्वर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. इंपोर्ट प्राइस घटने की खबर से रेट 2% तक चढ़ गए. (Photo: ITG) 

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) की अधिसूचना के मुताबि सोने की बेस इम्पोर्ट प्राइस को $1,652 से घटाकर $1,526 प्रति 10 ग्राम कर दिया गया है. इसी तरह चांदी की बेस इम्पोर्ट प्राइस में भी बड़ी कटौती की गई है. सरकार ने चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस घटाकर 2,427 डॉलर प्रति किलो (करीब 2,26,096 रुपये) कर दिया है, जो कि पहले 2,820 डॉलर था. (Photo: ITG) 

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बता दें, भारत में सोने-चांदी पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी इसी बेस प्राइस के आधार पर तय होती है, इसलिए इस कटौती का सीधा मतलब है कि अब ज्वेलर्स के लिए कच्चा माल आयात करना पहले के मुकाबले काफी सस्ता हो जाएगा.  (Photo: PTI) 
 

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अगर ज्वेलरी स्टॉक्स की बात करें तो Senco Gold के शेयर में सबसे ज्यादा उछाल आया, वहीं कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) के शेयर भी 6.57 फीसदी चढ़कर 420.35 पर बंद हुआ. इसके अलावा टाइटन कंपनी, पीएन गाडगिल और टीबीजेड (TBZ) के शेयरों में भी 4% तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे पूरा सेक्टर हरे निशान में चमकने लगा. (Photo: AI Generated)

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इस बीच एक्सपर्ट्स की मानें तो आयात कीमतों में कमी आने से ज्वेलरी कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार होगा. जब कच्चे माल की लागत कम होती है, तो कंपनियां या तो अपना मुनाफा बढ़ा सकती हैं या ग्राहकों को बेहतर कीमतें ऑफर कर सकती हैं. नए वित्त वर्ष (FY 2026-27) की शुरुआत में इस तरह का नीतिगत बदलाव कंपनियों की बैलेंस शीट के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. (Photo: AI Generated)
 

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भारत में फिलहाल शादियों और त्योहारों का सीजन नजदीक है. सोने-चांदी की कीमतों में नरमी से रिटेल ग्राहकों की ओर से मांग बढ़ने की उम्मीद है. पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रही कीमतों के कारण जो ग्राहक खरीदारी से बच रहे थे, वे अब कम कीमतों का फायदा उठाने के लिए बाजार का रुख कर सकते हैं. (Photo: AI Generated)

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एक तरफ जहां सरकार ने बेस प्राइस घटाकर राहत दी है. इसके अलावा सोने-चांदी के तैयार आभूषणों को मंगाने के लिए अब सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. इससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने और अवैध व्यापार पर लगाम लगने की उम्मीद है, जिससे संगठित क्षेत्र की दिग्गज ज्वेलरी कंपनियों को लंबी अवधि में बड़ा फायदा मिल सकता है.

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