दुबई की ऊंची इमारतें नहीं, लोगों ने जीता भारतीय महिला का दिल, क्या है उनमें खास?

पहली बार भारत से दुबई पहुंची एक महिला वहां की लाइफस्टाइल देखकर हैरान रह गई. दुबई की ऊंची इमारतों, आलीशान मॉल और आधुनिक सुविधाओं के बजाय उसे वहां के लोगों का पहनावा, रहन-सहन और एक-दूसरे से बातचीत करने का अंदाज ज्यादा प्रभावित कर गया.

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दुबई पहुंचकर इमारतों को छोड़ लोगों को निहारती रही महिला (Pexels) दुबई पहुंचकर इमारतों को छोड़ लोगों को निहारती रही महिला (Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:09 PM IST

दुबई का नाम आते ही दिमाग में गगनचुंबी इमारतें, आलीशान मॉल और आधुनिक सुविधाएं आती हैं. लेकिन पहली बार दुबई घूमने पहुंची एक भारतीय महिला के लिए यहां की इमारतों से ज्यादा वहां के लोगों का रहन-सहन आकर्षण का केंद्र बन गया. महिला ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह और उनके पति दुबई मॉल में एक घंटे से ज्यादा समय तक सिर्फ लोगों को देखते रहे.

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इंस्टाग्राम पर शुंभागी ज़नान ने दुबई मॉल का एक वीडियो साझा किया. इसमें उन्होंने बताया कि दुबई की आधारभूत संरचना से ज्यादा उन्हें वहां के लोगों ने प्रभावित किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के कपड़े, गहने, जूते और बैग देखकर वह काफी हैरान थीं.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि दुबई की आधारभूत संरचना से ज्यादा मैं यहां के लोगों को देखकर प्रभावित हूं. मैं दुबई मॉल में बैठी हूं और इस समय मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा है कि महिलाएं किस तरह के कपड़े पहन रही हैं, गहने, जूते और बैग... सब कुछ शानदार है.”

सैर करने के बजाय लोगों को देखते रहे

महिला ने बताया कि यह उनकी और उनके पति की पहली दुबई यात्रा है. आमतौर पर पर्यटक घूमने-फिरने और मशहूर जगहों को देखने में समय बिताते हैं, लेकिन दोनों ने दुबई मॉल में बैठकर लोगों के व्यवहार को समझने में काफी समय बिताया.

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उन्होंने कहा कि दोनों कॉफी पीते हुए एक घंटे से ज्यादा समय तक वहीं बैठे रहे. इस दौरान वे देख रहे थे कि लोग किस तरह चलते हैं, एक-दूसरे से कैसे बात करते हैं और मिलने पर स्थानीय लोग किस तरह एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं.

‘जीने के तरीके में इतना अंतर’

शुंभागी ने कहा कि भारत से महज कुछ घंटे की दूरी पर होने के बावजूद दुबई की जीवनशैली उन्हें काफी अलग लगी. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों के रहने और खुद को पेश करने का तरीका काफी अलग है. “मैं अभी घर से आई हूं, करीब तीन घंटे की उड़ान के बाद. लेकिन यहां जीवन जीने का तरीका और लोग जिस तरह खुद को पेश करते हैं, उसमें इतना अंतर है. यह वाकई बहुत अलग है.”

उन्होंने यह भी कहा कि दुबई में लोगों की आय, कर व्यवस्था और उनकी खरीदारी की क्षमता जैसे मुद्दे अलग विषय हैं, लेकिन इसके बावजूद वह यहां के अनुभव से काफी प्रभावित हुईं.

‘दुबई सिर्फ दिखावे और चमक-दमक से कहीं ज्यादा’

महिला ने कहा कि अब वह समझ पा रही हैं कि दुबई को लेकर लोगों में इतना आकर्षण क्यों है. उनके मुताबिक दुबई में सिर्फ चमक-दमक और आलीशान इमारतें ही नहीं हैं, बल्कि यहां की जीवनशैली भी लोगों को आकर्षित करती है.

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उन्होंने वीडियो के साथ लिखा, “दुबई की आधारभूत संरचना 10/10, लेकिन दुबई के लोग 100000/10.”

सोशल मीडिया पर लोगों ने भी जताई सहमति

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी महिला की बात से सहमति जताई. एक यूजर ने लिखा कि दुबई सिर्फ गगनचुंबी इमारतों के लिए नहीं जाना जाता. वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि यहां के लोगों का खुद को पेश करने का तरीका खास तौर पर ध्यान खींचता है. एक अन्य टिप्पणी में दुबई के माहौल को पूरी तरह अलग बताया गया, जबकि एक यूजर ने कहा कि लोगों को यहां की जीवनशैली सबसे ज्यादा आकर्षित करती है.
 

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