संसद की समिति में उठा UPI MDR का मुद्दा, विपक्ष बोला- जन​विरोधी फैसला

UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने का मुद्दा अब संसद की स्थायी समिति तक पहुंच गया है. ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% फीस लगाने के फैसले को लेकर सांसदों ने सवाल उठाए हैं. हालांकि, सरकार का कहना है कि इससे आम UPI यूजर्स पर सीधे कोई चार्ज नहीं लगेगा.

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UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने का मुद्दा संसद की स्थायी समिति तक पहुंच गया है. (File Photo) UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने का मुद्दा संसद की स्थायी समिति तक पहुंच गया है. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:08 PM IST

UPI पेमेंट पर MDR चार्ज लागू होने का मामला संसद की स्थायी समिति तक पहुंच गया है. ₹2,000 से ज्यादा के कुछ मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% फीस लगाने के फैसले को लेकर बुधवार को संसद की वित्तीय मामलों की स्थायी समिति की बैठक में सवाल उठाए गए. हालांकि, एमडीआर चार्ज लागू होने का मतलब यह नहीं है कि आम लोगों के लिए UPI पेमेंट महंगा हो गया है. रोजमर्रा के छोटे भुगतान और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन अब भी फ्री रहेंगे.

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संसदीय समिति की बैठक में कुछ सांसदों ने ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर प्रस्तावित फीस का मुद्दा उठाया. वित्त मामलों की संसदीय समिति के चेयरमैन और ओडिशा के कटक से भाजपा के लोकसभा सांसद भर्तृहरि महताब ने कहा कि कुछ सदस्यों ने इस विषय को बैठक में उठाया है. उन्होंने संकेत दिया कि संसदीय समिति की अगली बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हो सकती है.

विपक्ष ने जताई आपत्ति

समिति के सदस्य और केरल की कोल्लम सीट से रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने इस फैसले पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर एमडीआर फीस लगाने का असर बड़ी आबादी पर पड़ सकता है. उन्होंने इसे पूरी तरह जनविरोधी फैसला बताया.

15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है?

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सरकार ने मंगलवार को UPI से जुड़े मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का ऐलान किया था. इसके तहत ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% फीस लागू होगी. यह व्यवस्था 15 अक्टूबर से प्रभाव में आएगी. यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस 6 साल पहले अपनी लॉन्चिंग के बाद से ही फ्री रहा है. अब एडीआर को लेकर हुए बदलाव की चर्चा इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि देश में डिजिटल पेमेंट के लिए UPI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है.

आम UPI यूजर पर क्या असर होगा?

यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है. हर UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज नहीं लगेगा. सरकार के मुताबिक, आम लोगों के बीच होने वाले पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. छोटे और रोजमर्रा के पेमेंट भी इस नए चार्ज के दायरे में नहीं हैं. वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि UPI से पेमेंट करते समय ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. मंत्रालय के मुताबिक, मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम के भीतर लगने वाला शुल्क है, इसे UPI पेमेंट करने वाले ग्राहक पर लगाया जाने वाला चार्ज नहीं माना गया है.

सरकार के अनुसार, व्यक्तियों के लिए UPI का इस्तेमाल पहले की तरह फ्री रहेगा. इसके लिए कोई मंथली कोटा, वॉल्यूम लिमिट या फ्री ट्रांजैक्शन की तय सीमा नहीं होगी. यानी अगर आप किसी दोस्त, रिश्तेदार या दूसरे व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो उस पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. इसी तरह छोटे रोजमर्रा के भुगतान भी फ्री रहेंगे. चर्चा मुख्य रूप से ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर लगने वाली नई 0.4% फीस को लेकर है.

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