RBI ने बढ़ाया रेपो रेट... तो इन बैंकों ने महंगा कर दिया लोन, जानें EMI पर कितना असर?

RBI Rate Hike Hits Borrowers: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के कुछ ही घंटों बाद पीएनबी, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत 6 बैंकों ने अपनी कर्ज दरें बढ़ा दी हैं. नई दरें 8 अक्टूबर से लागू हो रही हैं.

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आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के बाद PNB, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत 6 बैंकों ने अपनी कर्ज दरें बढ़ाईं. (File Photo) आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के बाद PNB, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत 6 बैंकों ने अपनी कर्ज दरें बढ़ाईं. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:24 AM IST

अगर आप घर, कार या किसी दूसरी जरूरत के लिए बैंक से लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर अहम है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट बढ़ाने के कुछ ही घंटों बाद कई बड़े बैंकों ने अपनी कर्ज की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं. पंजाब नेशनल बैंक (PNB), इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने अपनी कुछ कर्ज दरों में बढ़ोतरी की है. इनमें कई नई दरें 8 अक्टूबर से लागू हो गई हैं.

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RBI ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 फीसदी कर दिया. करीब चार साल बाद केंद्रीय बैंक ने पहली बार रेपो रेट बढ़ाया है. बढ़ती महंगाई और कमजोर होती मुद्रा के बीच RBI ने आगे भी दरों में बढ़ोतरी की संभावना के संकेत दिए हैं. RBI की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट बढ़ाने के पक्ष में सर्वसम्मति से फैसला किया. दिसंबर 2024 में संजय मल्होत्रा के RBI गवर्नर बनने के बाद यह पहली बार है, जब रेपो रेट बढ़ाया गया है. इस फैसले की पहले से उम्मीद जताई जा रही थी.

PNB ने कितनी बढ़ाई दर?

देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक PNB ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 8.10 फीसदी से बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दिया है. इसमें 0.35 फीसदी बैंक स्प्रेड शामिल है. PNB के मुताबिक नई दर 8 अक्टूबर से लागू होगी. हालांकि बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) और बेस रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. इसका मतलब है कि PNB के सभी पुराने या नए लोन पर एक जैसा असर नहीं पड़ेगा. लोन किस दर से जुड़ा है, इसके आधार पर ग्राहक पर प्रभाव अलग हो सकता है.

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इन दो बैंकों ने भी बढ़ाई दर

इंडियन बैंक ने अपनी रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RBLR) को 7.95 फीसदी से बढ़ाकर 8.20 फीसदी कर दिया है. बैंक की नई दर भी 8 अक्टूबर से लागू होगी. वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट को 7.90 फीसदी से बढ़ाकर 8.15 फीसदी कर दिया है. यानी बैंक ने इसमें 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है.

BoI और IOB की दर भी बढ़ी

बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी अपनी RBLR बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दी है. दोनों बैंकों की नई दर 8 अक्टूबर से लागू होगी. बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी फाइलिंग में कहा है कि यह बदलाव RBI की रेपो रेट में की गई बढ़ोतरी के बाद किया गया है.

प्राइवेट बैंक ने भी बढ़ाई ब्याज दर

सरकारी बैंकों के अलावा तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने भी अपनी RLLR में बढ़ोतरी की है. बैंक ने इसे 8.25 फीसदी से बढ़ाकर 8.50 फीसदी कर दिया है. इससे साफ है कि रेपो रेट में बदलाव का असर सिर्फ सरकारी बैंकों तक सीमित नहीं है. आने वाले दिनों में दूसरे बैंक भी अपनी संबंधित कर्ज दरों में बदलाव कर सकते हैं.

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लोन लेने वालों पर क्या होगा असर?

रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंक अपनी उन कर्ज दरों में बदलाव किया है, जो इससे जुड़ी होती हैं. यानी वे सभी लोन महंगे हो जाएंगे जो फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट (Floating Interest Rate) या एक्सटर्नल बेंचमार्क (EBLR/RLLR) से जुड़े हैं. यानी अगर आपका कार लोन, होम लोन, एजुकेशन लोन, पर्सलन लोन, बिजनेस लोन फ्लोटिंग रेट पर है, तो आपकी मासिक EMI बढ़ जाएगी या लोन चुकाने की अवधि (Tenure) लंबी हो जाएगी. हालांकि वास्तविक असर आपके लोन की ब्याज दर, बकाया रकम और बाकी शर्तों पर निर्भर करेगा. PNB के मामले में MCLR और बेस रेट में फिलहाल बदलाव नहीं हुआ है. इसलिए हर ग्राहक के लिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि रेपो रेट बढ़ते ही उसकी ईएमआई तुरंत बढ़ जाएगी.

आगे और महंगा हो सकता है कर्ज?

RBI ने आगे दरों में और बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं. ऐसे में अब नजर दूसरे बैंकों पर है कि वे अपनी कर्ज दरों में कब और कितना बदलाव करते हैं. अगर दूसरे बैंक भी अपनी रेपो लिंक्ड या दूसरी संबंधित कर्ज दरें बढ़ाते हैं, तो आने वाले दिनों में नए लोन की लागत बढ़ सकती है. वहीं मौजूदा ग्राहकों पर असर उनके लोन के ब्याज दर से जुड़े नियमों पर निर्भर करेगा.

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