गोल्ड एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट पर ईडी की शिकंजा कसता जा रहा है. ये कंपनी तब सुर्खियों में आई, जब मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने आरोप लगाया कि Rajesh Exports ने 15.15 लाख करोड़ रुपये का फर्जी निर्यात दिखाया है. SEBI ने कंपनी और उसके प्रमोटर राजेश मेहता के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया और जांच पूरी होने तक कंपनी के शेयरों में खरीद-फरोख्त से रोक दिया.
हाल ही में इस मामले को लेकर कंपनी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी देखने को मिली. बेंगलुरु और मुंबई में राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े 9 ठिकानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया. यहां से कई बड़ी बातें सामने आई हैं.
ईडी ने किए ये बड़े खुलासे
छापेमारी के एक दिन बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को इस 15.15 लाख करोड़ रुपये के खेल से जुड़ी कई बातों का खुलासा किया. एजेंसी के अनुसार विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के तहत चल रही जांच के दौरान बड़ी खामियां सामने आई हैं र इसी के तहत 23 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स की ठिकानों पर छापेमारी की गई.
विदेशी लेन-देन के रिकॉर्ड नहीं
बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए प्रमुख मुद्दों में से एक कंपनी के विदेशी लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध न होना था. ईडी की मानें, तो राजेश एक्सपोर्ट्स आयात, निर्यात, विदेशी निवेश और विदेशी व्यापार से संबंधित रिसीप्ट और पेमेंट्स के सेटलमेंट से जुड़े दस्तावेज दिखाने में विफल रही, जिससे ट्रांजैक्शंस का सत्यापन मुश्किल हुआ.
उदाहरण के तौर पर, ईडी ने कहा कि अफ्रीकी खानों में 1,035 करोड़ रुपये के निवेश के दावे से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए. इसके अलावा ED ने विदेशी व्यापार से प्राप्त होने वाली रकम और घरेलू स्तर पर बिजनेस से जेनरेट रकम के आंकड़ों के बीच करीब 3,000 करोड़ रुपये का अंतर दिखा, इस बड़ी रकम के सेट-ऑफ की जांच जारी है.
40% स्टॉक मिसमैच, MD की सैलरी ने चौंकाया
ED ने बताया कि तलाशी अभियान के तहत कारखाने के रजिस्टरों में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक के बीच लगभग 40% का अंतर था. इसके अलावा पाया गया कि सीईओ को 2020 से कोई वेतन नहीं मिला था, जबकि एमडी को कंपनी के करीब 7.7 लाख करोड़ रुपये के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू के बावजूद सिर्फ करीब 17,000 रुपये प्रति माह का पेमेंट किया गया था. ईडी ने ये भी कहा कि जांच में राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में संदिग्ध ब्लॉक ट्रेडिंग का खुलासा हुआ है.
आजतक बिजनेस डेस्क