'चुनाव लड़कर जनता का भरोसा जीतो', रवि किशन ने 'रिजीम चेंज' पर विपक्ष को घेरा

अभिनेता रवि किशन ने 'रिजीम चेंज' की बहस पर विपक्ष को चुनाव लड़कर जनता का भरोसा जीतने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि सरकार बदलने का फैसला जनता करती है और विपक्ष को अपना समर्थन बढ़ाने के लिए चुनावी मैदान में उतरना चाहिए.

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भाजपा सांसद रवि किशन ने 'रिजीम चेंज' विवाद पर विपक्ष पर निशाना साधा है. (File Photo-PTI) भाजपा सांसद रवि किशन ने 'रिजीम चेंज' विवाद पर विपक्ष पर निशाना साधा है. (File Photo-PTI)

शुभम लाल

  • पटना,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:18 AM IST

पटना में बीजेपी सांसद और अभिनेता रवि किशन ने 'रिजीम चेंज' की बहस पर विपक्ष को घेरा है. उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को देश की सरकार बदलनी है, तो उसे चुनाव लड़कर जनता का भरोसा जीतना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष देश के लिए क्या करना चाहता है और उसके पास आगे का क्या प्लान है.

रवि किशन ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना है. ऐसे में सरकार बदलने के लिए विपक्ष को जनता के बीच जाना चाहिए और उसका समर्थन हासिल करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का विरोध करते-करते विपक्ष देश का विरोध करने लगा है. BJP सांसद रवि किशन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सबसे अहम होता है.

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राहुल गांधी, प्रशांत किशोर और ध्रुव राठी पर निशाना

रवि किशन ने राहुल गांधी, प्रशांत किशोर और ध्रुव राठी का नाम लेकर विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि देश की जनता विपक्ष की मंशा समझ चुकी है. उन्होंने कहा कि भारत का युवा देश के विकास के साथ खड़ा है.

बीजेपी सांसद रवि किशन ने भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक पहचान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है. रवि किशन ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसे मोदी से मुकाबला करना है, तो चुनाव में उतरकर जनता का समर्थन हासिल करे.

क्या है 'रिजीम चेंज' का विवाद?

'रिजीम चेंज' का मतलब सत्ता या सरकार में बदलाव से है. चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी सरकार बदलने की बात कही थी. वहीं, छात्र नेता नेहा बोरा की ओर से बांग्लादेश के युवा आंदोलन का जिक्र किए जाने के बाद इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की बात कही गई है.

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दरअसल, गुरुवार को वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में किसी सरकार के खिलाफ असंतोष फैलाना अपराध नहीं है. भूषण ने कहा था कि मौजूदा संघर्ष अब वास्तव में रिजीम चेंज के लिए है. उनके इस बयान पर बीजेपी समेत सत्तारूढ़ दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.

भूषण ने यह भी कहा था कि सरकार विपक्ष पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगा रही है, जबकि विपक्ष फिलहाल यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहा है कि चुनाव सही तरीके से हों. उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह की सख्ती और हिंसा जारी रही, तो रिजीम चेंज जरूर होगा.

यह भी पढ़ें: 'वोट और विरोध का हक छीन रही सरकार', उद्धव ठाकरे ने किया 'रिजीम चेंज' की मांग का समर्थन

बीजेपी नेताओं ने इन बयानों को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है. दूसरी ओर, विपक्ष के नेताओं का कहना है कि चुनाव के जरिए सरकार बदलने की मांग लोकतंत्र का हिस्सा है.

रवि किशन ने चुनावी मैदान में उतरने की दी चुनौती

इसी राजनीतिक बहस के बीच रवि किशन ने विपक्ष से चुनाव लड़ने और जनता का भरोसा जीतने को कहा. उन्होंने जोर दिया कि सरकार बदलने का फैसला जनता करती है और विपक्ष को अपना समर्थन बढ़ाने के लिए चुनावी मैदान में उतरना चाहिए. उनका बयान ऐसे समय आया है, जब 'रिजीम चेंज' को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं.

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