बिहार में भीषण बाढ़ के बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं. उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह पानी के बीच लोगों तक पहुंचकर मदद करते और अपनी गाड़ी से राहत सामग्री बांटते नजर आ रहे हैं. कई जगहों पर वह बाढ़ पीड़ित परिवारों, खासकर महिलाओं को 500-500 रुपये की नकद मदद भी दे रहे हैं.
पटना के दीघा घाट, पूर्णिया, कटिहार और राघोपुर जैसे इलाकों में पप्पू यादव ने राहत सामग्री बांटी. इसमें चूड़ा, चावल, आटा और दूसरी जरूरी चीजें शामिल हैं. महिलाओं को सेनेटरी पैड भी दिए गए. बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों की व्यवस्था भी कराई गई.
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'मेरे पास इतना पैसा है कि सरकार के पास भी नहीं होगा'
राहत अभियान के दौरान पप्पू यादव का एक बयान भी चर्चा में है. उन्होंने कहा कि उनके पास इतना पैसा है कि सरकार के पास भी नहीं होगा. उन्होंने बताया कि जब राशन खत्म हो गया तो लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें सीधे कैश बांटना पड़ा. इसी दौरान पटना में राहत सामग्री बांटते वक्त भीड़ का फायदा उठाकर उनके बैग या जेब से करीब 1 लाख रुपये चोरी होने की बात भी सामने आई. पप्पू यादव ने बाढ़ राहत को लेकर नीतीश कुमार और केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि संकट के समय लोगों तक समय पर मदद नहीं पहुंची.
2024 के हलफनामे में कितनी संपत्ति?
अब सवाल है कि पप्पू यादव के पास आखिर कितनी संपत्ति है? 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल घोषित संपत्ति 12,08,84,682 रुपये यानी करीब 12.08 करोड़ रुपये थी.
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वहीं, हलफनामे में उनकी कुल देनदारियां यानी कर्ज 1,72,36,808 रुपये यानी करीब 1.72 करोड़ रुपये बताई गई हैं. इसमें नकद, बैंक जमा, वाहन, सोना और जमीन समेत चल और अचल संपत्तियां शामिल हैं.
हलफनामे के मुताबिक, पप्पू यादव के पास एक इनोवा कार और करीब 204 ग्राम सोना भी है. अचल संपत्तियों में आवासीय और व्यावसायिक जमीन से जुड़ी संपत्तियां भी दर्ज हैं.
हालांकि, यह आंकड़े 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए स्वघोषित चुनावी हलफनामे के हैं. इसका मतलब यह है कि ये आंकड़े उस समय घोषित संपत्ति को दिखाते हैं, मौजूदा समय की कुल संपत्ति को नहीं.
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