बिहार के गया जिले में बेलागंज विधानसभा क्षेत्र की जदयू विधायक मनोरमा देवी को सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए सरकारी अंगरक्षक को लेकर नया विवाद सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में विधायक के बेटे राकेश रंजन उर्फ रॉकी यादव कथित तौर पर उसी सरकारी अंगरक्षक के साथ अलग-अलग जगहों पर घूमते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद गया पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार विधायक मनोरमा देवी को सुरक्षा कारणों से सरकारी अंगरक्षक उपलब्ध कराया गया है. लेकिन वायरल वीडियो में कथित तौर पर वही सुरक्षाकर्मी विधायक की बजाय उनके बेटे रॉकी यादव के साथ दिखाई दे रहे हैं. इसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि विधायक की सुरक्षा के लिए तैनात सरकारी अंगरक्षक उनके बेटे के साथ किस आधार पर मौजूद थे. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया. वीडियो को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
खासतौर पर यह कि सरकारी सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी निर्धारित व्यक्ति के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के साथ कैसे लगाई गई. इस पूरे मामले के बीच 21 जुलाई की एक घटना का भी जिक्र हो रहा है. जानकारी के अनुसार झारखंड के चतरा में एसपी आवास के सामने विधायक मनोरमा देवी के पुत्र के गार्ड ने अपने ही साथी गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी थी. बताया जा रहा है कि उस समय विधायक मनोरमा देवी का सरकारी अंगरक्षक भी वहां मौजूद था.
विधायक की सुरक्षा में तैनात गार्ड पर उठे सवाल
वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद गया पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है. गया के सिटी एसपी अभिनव ने कहा कि पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से इस संबंध में जानकारी मिली है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. सिटी एसपी अभिनव ने कहा कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि विधायक को उपलब्ध कराए गए सरकारी अंगरक्षक का उपयोग नियमों के विपरीत किया गया है, तो संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ सुरक्षा बल के जवान के खिलाफ भी विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
जांच में नियमों का उल्लंघन मिला तो होगी कार्रवाई
उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती निर्धारित प्रोटोकॉल और सुरक्षा आकलन के आधार पर की जाती है. ऐसे में यह जांच की जा रही है कि संबंधित सुरक्षाकर्मी की ड्यूटी नियमों के अनुरूप थी या नहीं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल गया पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
पंकज कुमार