कथक की ताल पर जल-जंगल और धरती की बात, नृत्य ने दिखाई पर्यावरण संकट की तस्वीर

नई दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में पद्मश्री कथक गुरु शोवना नारायण ने 'Fractured Harmonies: A Call for Renewal' प्रस्तुत की, जिसमें जल, जंगल और अंतरिक्ष तक फैले पर्यावरण संकट को कथक, संगीत, विजुअल आर्ट और थिएटर के माध्यम से दर्शाया गया.

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पद्मश्री कथक गुरु शोवना नारायण ने नृत्य के जरिये पर्यावरण संकट की तस्वीर सामने रखी पद्मश्री कथक गुरु शोवना नारायण ने नृत्य के जरिये पर्यावरण संकट की तस्वीर सामने रखी

विकास पोरवाल

  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:41 PM IST

नई दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में पद्मश्री कथक गुरु शोवना नारायण और उनकी असावरी रिपर्टरी ने 'Fractured Harmonies: A Call for Renewal' की प्रस्तुति दी. पर्यावरण संकट और प्रकृति के साथ इंसानी रिश्तों पर आधारित इस कथक प्रस्तुति को दर्शकों की जोरदार प्रतिक्रिया मिली. दर्शकों से भरे सभागार में इस प्रस्तुति का तालियों की गड़गड़ाहट से विशेष सम्मान हुआ.

इस प्रस्तुति में कथक के साथ संगीत, विजुअल आर्ट और थिएटर तीनों का मेल ऐसा रहा कि यह प्रस्तुति प्राचीन कला शास्त्र के साथ आधुनिक दौर की रूपरेखा भी बन गई. इसने जल, जंगल से अंतरिक्ष तक पर्यावरण संकट की कहानी को बखूबी पिरोया और बताय कि हम लगातार विज्ञान के साथ विकास की ओर भाग तो रहे हैं लेकिन पर्यावरण के अस्तित्व को कहीं पीछे छोड़े जा रहे हैं. 

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शोवना नारायण की परिकल्पना पर तैयार 'Fractured Harmonies' में कथक के जरिए जल, जमीन और अंतरिक्ष तक फैले पर्यावरण संकट को दिखाया गया. साथ ही प्रकृति के संरक्षण, सह-अस्तित्व और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया. प्रस्तुति में पर्यावरण के विनाश का महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों पर पड़ने वाला असर भी दिखाया गया. वहीं सूरज, हवा और पानी जैसी प्राकृतिक शक्तियों के जरिए पर्यावरण को फिर से संतुलित करने की संभावनाओं को सामने रखा गया.

पूरी प्रस्तुति को चार हिस्सों में बांटा गया था.नदियों और समुद्रों में प्लास्टिक, छोड़े गए मछली पकड़ने के जाल और माइक्रोप्लास्टिक से पैदा हुए संकट को दिखाया गया. दूसरे हिस्से में जंगलों की कटाई को केंद्र में रखते हुए इसे शोषण, असमानता और महिलाओं के हाशिए पर जाने जैसी सामाजिक समस्याओं से जोड़ा गया. तीसरे हिस्से में कहानी पृथ्वी से अंतरिक्ष तक पहुंची. इसमें बढ़ते स्पेस डेब्रिस यानी अंतरिक्ष में जमा कचरे का मुद्दा उठाते हुए तकनीकी विकास के साथ इंसान की जिम्मेदारी पर सवाल किया गया.

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शोवना नारायण ने कहा कि 'Fractured Harmonies' उनके दिल के बेहद करीब है. उन्होंने कहा, 'हमने नृत्य के जरिये अपने समय की कुछ सबसे गंभीर चिंताओं से संवाद करने की कोशिश की है. यह प्रस्तुति सिर्फ यह नहीं बताती कि हम क्या खो रहे हैं, बल्कि संतुलन दोबारा स्थापित करने की हमारी सामूहिक क्षमता की ओर भी देखती है.' कार्यक्रम में असावरी रिपर्टरी के कई कथक कलाकारों के साथ संगीतकारों, विजुअल आर्टिस्ट और डिजाइनरों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम स्थल पर किशोर लाबर द्वारा क्यूरेट की गई एक कला प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विभिन्न कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित की गईं.

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