कृषि में नई-नई तकनीकें आने से किसानों के लिए फसलों की बुवाई से लेकर कटाई तक का काम आसान हुआ है. फिलहाल, देशभर में खरीफ फसलों की बुवाई का वक्त चल रहा है. बुवाई के तकरीबन 4 महीने बाद ही इन फसलों की कटाई का काम शुरू होता है. इस दौरान किसानों द्वारा फसल के अवशेष खेतों में जलाने से भारी प्रदूषण फैलता है. हरियाणा और पंजाब में इस दौरान स्थिति और खराब हो जाती है. इन स्थितियों से निपटने के लिए हरियाणा सरकार पहले से ही तैयारी कर रही है. खट्टर सरकार फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आने वाली मशीनों पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने का फैसला किया है.
फसल अवशेष के लिए उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी
फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर हरियाणा सरकार 50 प्रतिशत का अनुदान देगी. इसके लिए हरियाणा सरकार ने आवेदन मांगे हैं. अगर आप हरियाणा के किसान हैं तो 23 जुलाई तक इन कृषि यंत्रों के लिए कृषि विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट(https://agriharyana.gov.in/) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा सहकारी, समिति, एफपीओ या फिर पंचायत द्वारा किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा.
फसल अवशेष प्रबंधन हेतु संकल्पबद्ध हरियाणा सरकार
— MyGovHaryana (@mygovharyana) June 27, 2023
प्रदेश के किसान 23 जुलाई, 2023 तक कर सकते हैं कृषि यंत्रों के लिए आवेदन pic.twitter.com/6C6guta6JP
कैसे होगा किसानों का चयन
आवेदन करने के बाद लाभार्थियों का चयन संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा किया जाएगा. चयन के बाद किसान सरकार द्वारा सूचीबद्ध कृषि निर्माताओं से मोलभोव कर अपनी पसंद के निर्माता से 50 प्रतिशत की सब्सिडी पर कृषि यंत्र खरीद सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001802117 पर संपर्क कर सकते हैं. अलावा किसान सहायक कृषि अभियंता और उप कृषि निदेशक कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं.