Cow Farming Subsidy: ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आय का सबसे बड़ा स्रोत साबित हो रहा है. गाय, भैंस और बकरी पालन कर किसान बढ़िया मुनाफा भी कमा रहें हैं. किसानों को डेयरी फार्मिंग में हाथ आजमाने के लिए सरकार हरसंभव मदद कर रही है है. दुग्ध व्यवसाय का स्टार्टअप शुरू करने के लिए किसानों को सब्सिडी और लोन संबंधी सुविधाएं भी दी जाती है.
इन गायों का पालन करने पर मिल रही है सब्सिडी
हरियाणा को कृषि प्रधान राज्यों की श्रेणी में गिना जाता है. इस राज्य के ग्रामीण बड़ी संख्या में खेती-किसानी के अलावा पशुपालन पर निर्भर हैं. गाय और भैंस पालन के माध्यम से किसान दुग्ध व्यवसाय से जुड़कर बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने राज्य में देसी गायों के पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है. हरयाणा, साहीवाल और बेलाही नस्ल की गायों घर लाने पर हरियाणा सरकार द्वारा 5,000 से 20,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है.
देसी गायों के उत्थान हेतु संकल्पबद्ध हरियाणा सरकार
— MyGovHaryana (@mygovharyana) September 1, 2022
हरयाणा, साहीवाल और बेलाही नस्ल की अधिक दूध देने वाली गाय के पालकों को दी जा रही ₹5,000 से ₹20,000 की प्रोत्साहन राशि pic.twitter.com/mcGJnh4sHa
मानी जाती हैं सबसे ज्यादा दूध देने वाली देसी गायें
बता दें कि हरयाणा, साहीवाल और बेलाही सबसे ज्यादा दूध देने वाली देसी गाय मानी जाती हैं. ये गायें एक दिन में 15 से 20 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती हैं. बशर्ते इन गायों की देखभाल और उनके चारे की व्यवस्था सही से किया जाए तो इनका पालन किसानों के लिए मुनाफेदार साबित हो सकता है.
यहां करें आवेदन
इच्छुक किसान किसान गौसंवर्धन एवं संरक्षण कार्यक्रम के तहत इस योजना का लाभ लेने के लिये हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://pashudhanharyana.gov.in/schemes पर आवेदन कर सकते हैं. अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए किसान इस वेबसाइट पर विजिट भी कर सकते हैं.