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फायदे की बात

गोबर सुखाने से लेकर लकड़ी बना कर कमाइए मुनाफा, पंजाब के युवक ने बनाई ऐसी मशीन

Uses of Cow dung
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भारत में किसान कृषि के बाद सबसे ज्यादा पशुपालन पर निर्भर करते हैं. मवेशियों का दूध से लेकर गोबर तक का कई कामों में उपयोग किया जाता है. किसानों को इससे आर्थिक मुनाफा भी हासिल होता है.

financial benefits from cow dung
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गांवों में मवेशियों के गोबर का इस्तेमाल कंडे जलाने से लेकर खेतों में खाद के तौर पर भी किया जाता है. लेकिन किसानों के सामने सबसे ज्यादा समस्या गोबर के प्रबंधन की आती है. अक्सर हम देखते हैं कि गौशालाओं में गोबर का ढेर लगा होता है और किसान भाई मुनाफे के लिए उसका उपयोग नहीं कर पाते हैं.

Machine to make wood for cow dung
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गोबर खेतों खाद बनाने से लेकर, बायो गैस बनाने तक में काम आता है. इसी को देखते हुए पंजाब के 31वर्षीय कार्तिक पाल ने इससे जुड़े दो आविष्कार किए हैं.सबसे पहले 2017 में गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन बनाई, बाद में उन्होंने गोबर सुखाने की मशीन भी बना डाली, जो कुछ ही मिनटों में गीले गोबर से पानी अलग करके पाउडर बना देती है.

cow dung dryer machine
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गोबर खेतों खाद बनाने से लेकर, बायो गैस बनाने तक में काम आता है. इसी को देखते हुए पंजाब के 31 वर्षीय कार्तिक पाल ने इससे जुड़े दो आविष्कार किए हैं.सबसे पहले 2017 में गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन बनाई, बाद में उन्होंने गोबर सुखाने की मशीन भी बना डाली, जो कुछ ही मिनटों में गीले गोबर से पानी अलग करके पाउडर बना देती है.

idea for cow dung machine
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पटियाला के रहने वाले कार्तिक पॉल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अपने पिता के वर्कशॉप में ही चारा काटने वाली मशीन के अलावा खेतों में काम आने वाले मशीनों को बनाते थे. यहीं पर उन्हें दोनों मशीनों को बनाने का आइडिया दिमाग में आया.

Process to use cow dung machine
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कार्तिक गोबर ड्रायर मशीन के इस्तेमाल करने के तरीके के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि, डेयरी फार्म वाले एक बड़ा गड्ढ़ा करके रोज का गोबर जमा करते हैं. इसमें पानी और गौमूत्र मिलाकर गोबर का तरल रूप तैयार किया जाता है.

cow dung machine working
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कार्तिक कहते हैं कि इसके बाद में गोबर के तरल रूप को पंप की मदद से मशीन में डाला जाता है. मशीन, पानी और गोबर को अलग करके गोबर का ड्राई पाउडर तैयार कर देती है. ये 5 एचपी पावर वाला ऑटोमैटिक मशीन है, जिसकी कीमत दो लाख 40 हजार रखी गई है.

benefecial for farmers
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कार्तिक ने छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान रखते हुए  3 एचपी पावर की भी एक गोबर ड्रायर मशीन बनाई है. जिसकी कीमत एक लाख 40 हजार रुपये में बिक रही है. कार्तिक आगे कहते हैं कि उनकी मशीन आने का सबसे ज्यादा फायदा पशुपालकों को हुआ है. पशुओं के गोबर की कीमत अब पहले से बढ़ गई है. यही वजह है कि लोगों ने फिर से गाय पालन की तरफ रूख किया है.