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खेती किसानी

Gerbera Flower Farming: झारखंड की दो बहनों ने किया कमाल, जरबेरा के फूलों की खेती से कमा रहीं लाखों

Gerbera Flowers
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Gerbera Flower Farming: कुछ समय पहले तक झारखंड में जरबेरा फूल (Gerbera Flower) की खेती कहीं नहीं होती थी और इन फूलों को बेंगलुरु से मंगवाया जाता था. लेकिन, लॉकडाउन में स्कूल बंद होने के दौरान दो बहनों ने कमाल कर दिया. दोनों ने मोबाइल फोन के जरिए से पढ़ाई के दौरान यह पाया कि झारखंड में इन फूलों की मांग बहुत अधिक है. ऐसे में दोनों ने राज्य में जरबेरा फूलों की खेती करने का तय किया. 

Gerbera Flower Farming
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इसके बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए दोनों ने गूगल की मदद ली और इसके लिए एक शेड का निर्माण करवाया. दोनों ने पहली बार पिता के साथ मिलकर खेती की. अब हर तीन से चार दिनों के बाद पेड़ों से फूलों को तोड़कर बाजार में बिक्री की जा रही. इससे लाखों रुपये का मुनाफा कमाया जा चुका है.

Gerbera Flower Farming, Two Sisters
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जमशेदपुर से तकरीबन 40 किलोमीटर दूर जादूगोड़ा के पास एक गांव है, जिसका नाम कालपाथर है. इस गांव मे ज्यादातर भगत जाति के लोग रहते हैं. इसी गांव में दो बहनें- प्रीति और प्रियंका भी रहती हैं और दोनों ही स्कूल में पढ़ती हैं. दोनों को स्कूल बंद के दौरान पता चला कि राज्य में जरबेरा के फूलों की मांग बहुत है और शादी में इसका काफी इस्तेमाल होता है. चूंकि, यह झारखंड में कहीं नहीं उगाया जाता, इसलिए इसकी खरीद बेंगलुरु से की जाती है. इसके बाद परिवार के अन्य लोगों के साथ मिलकर दोनों बहनों ने फूलों की खेती शुरू की और उसे आसपास बेचना शुरू कर दिया.
 

Gerbera Flower Profit
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जरबेरा के फूलों के बारे में अधिक जानकारी इकट्ठा करने के लिए दोनों बहनों ने गूगल की मदद ली. दोनों को पता चला कि जमशेदपुर की मिट्टी जरबेरा के फूलों के लिए काफी अच्छी है और फिर पिता की मदद से दोनों ने बेंगलुरु से जरबेरा के फूलों के बीज मंगवा लिए. 

How to Start Gerbera Flower farming
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उन्होंने तकरीबन एक एकड़ में बीजों को बो दिया, जिसके तीन महीने बाद उसमें फूल निकल आए. उसमें से एक पेड़ से तीन से चार बार फूलों को तोड़ा और उन्हें हर बार बाजार में 50-60 हजार रुपये में बेचा. इस तरह पूरे परिवार ने लाखों रुपये का प्रॉफिट कमाया.

Gerbera Flowers
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फूलों की अच्छी कीमत मिलने से दोनों बहनें काफी खुश हैं. दोनों को लग रहा है कि पढ़ाई के बीच उन्होंने एक अच्छा रोजगार ढूंढ लिया. वहीं, अब गांव के अन्य लोगों ने भी जरबेरा के फूलों की खेती करने का मन बनाया है. इस खेती के बारे में प्रीति भगत ने कहा, ''हम कालपाथर गांव में रहते हैं और इस साल पहली बार हम लोगों ने जरबेरा फूलों की खेती की है. काफी सुंदर फूल होता है और इसकी मांग बाजार में काफी है.''

Gerbera Flowers Cultivation
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वहीं, प्रियंका भगत ने कहा, ''हमने पहली बार इस खूबसूरत फूल की खेती की है. यह फूल झारखंड में कहीं नहीं मिलता है. इस फूल की मांग राज्य में काफी है और आज से पहले यह फूल बेंगलुरु से आया करता था.'' उधर, पिता नव किशोर भगत का कहना है कि हम लोगों ने तकरीबन एक एकड़ में जरबेरा फूल की खेती है. इस फूल की मांग काफी होती है और हर तीन से चार दिनों में हम इस फूल को तोड़ते हैं.