Clove Cultivation: मॉनसून का महीना चल रहा है. यह महीना कई सारी फसलों की बुवाई के लिए बिल्कुल उपयुक्त समय होता है. मसालों की खेती के लिए भी यह महीना सबसे अच्छा माना जाता है. लौंग भी मसालों की एक ऐसी ही फसल है, जिसकी देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर खेती की जाती है. इसका इस्तेमाल कई तरह की दवा बनाने के साथ-साथ सौंदर्य प्रसाधनों के बनाने में भी किया जाता है.
कहां-कहां होता है लौंग का प्रयोग
देश में लौंग का धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा है. पूजा-हवन में भी लौंग का प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याओं में इसका सेवन लाभकारी होता है. बता दें कि बाजार में लौंग के तेल से लेकर टूथ पेस्ट, दांत के दर्द की दवा, पेट और मुंह के रोग की दवा जैसे कई प्रोडक्ट मौजूद है.
इसकी खेती के लिए किस तरह की जलवायु उपयुक्त
इसकी खेती गर्म प्रदेशों में ही करना ज्यादा उपयुक्त है. लौंग के पौधों के विकास के लिए 10 डिग्री सेंटीग्रड से ज्यादा का तापमान होना चाहिए. वहीं उसके पेड़ के वृद्धि में 30 से 35 डिग्री तक तापमान की आवश्यकता होती है. ठंडे स्थानों पर इसकी खेती करने से बचना चाहिए वरना किसानों को भारी नुकसान हो जा सकता है.
कैसे होती है इसकी बुवाई
लौंग की बुवाई करने के लिए सबसे पहले उसके मदर प्लांट से पके हुए फल जुटाए जाते हैं. जिस दिन पहले इसकी बुवाई करनी है उससे एक दिन पहले इसे पानी में भिगोकर रखें. इसके बाद इसके ऊपर के छिलके को हटा दें और बुवाई की प्रकिया शुरू कर दें. इसकी 10 सेंटीमीटर की दूरी पर पंक्तियां में बुवाई करें. पौधे के विकास के लिए जैविक खाद का उपयोग करते रहें. तकरीबन चार-पांच सालों में ये पौधा तैयार होकर फल देना शुरू कर देता है. अगर इसके पेड़ का अच्छी तरह से ख्याल रखा गया तो ये काफी लंबे समय तक आपको मुनाफा दे सकते हैं.
कितना है मुनाफा
इसके फल पौधे पर गुच्छों में लगते हैं. इनका रंग लाल गुलाबी होता है. जिनको फूल खिलने से पहले ही तोड़ लिया जाता है. एक बार पौधा परिपक्व होने पर 2 से 3 किलोग्राम का बंपर उत्पादन देता है. बाजार में एक किलोग्राम लौंग 800 से 1000 रुपये किलो में बिकता है. ऐसे में अगर आप अगर एक एकड़ में इसके 100 पौधे भी लगाते हैं तो आराम से 3 लाख रुपये तक का मुनाफा हासिल कर सकते हैं.