पिथौरागढ़ की दीपिका चुफाल महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरी हैं. बतौर इंटीरियर डिजाइनर वह कई नामी कंपनियों में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. हालांकि, उनका मन सिर्फ पहाड़ पर ही लगता था. इसी के चलते सारा काम-धाम छोड़कर वह वापस पिथौरागढ़ आ गईं.
मसाले का बिजनेस शुरू करने के लिए लिया लोन
पिथौरागढ़ आने के बाद दीपिका ने अपना खुद का कारोबार शुरू करने के लिए रिसर्च किया. काफी सोच-विचार के बाद ऑर्गेनिक मसाले का कारोबार शुरू किया. उद्यान विभाग से 5 लाख रुपये का लोन लिया. हालांकि, दीपिका के लिए स्थितियां आसान नहीं रहीं. किसानों से मसाले एकत्र कर उन्हें बाजार तक पहुंचाना उनके लिए काफी चुनौती भरा काम रहा.
खुद के साथ-साथ किसानों को भी पहुंचा रही हैं मुनाफा
दीपिका ने मेहनत से अपना काम जारी रखा. आज वह पिथौरागढ़ के साथ-साथ अन्य जिलों में भी ऑर्गेनिक मसाले भेज रही हैं. इसके अलावा कई ग्रामीणों को मसालों की खेती के लिए प्रेरित भी कर रही हैं.दीपिका कहती हैं कि उनका उद्देश्य लोगों को शुद्ध ऑर्गेनिक मसाले उपलब्ध कराना है. साथ ही पहाड़ी किसानों को वह अच्छा मुनाफा भी पहुंचा रही हैं.
मसाले की फसल को जानवर नहीं खाते
पहाड़ों पर किसान सबसे ज्यादा बंदर और सूअर जैसे जंगली जानवरों से परेशान रहते हैं. ऐसे में इन किसानों के लिए मसाले की खेती काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. औषधीय गुणों के चलते मसाले की फसल को जानवर नुकसान नहीं करते हैं.
कई लोगों को रोजगार भी दे रही दीपिका
दीपिका ने इस काम में लगभग 10 लोगों को प्रत्यक्ष रुप से रोजगार से जोड़ा है. हजारों किसानों को वे बाजार भी उपलब्ध करा रही हैं. दीपिका का कहना है कि वे पहाड़ में होने वाली हल्दी, अदरक, धनिया और कसूरी मेथी जैसे मसालों को लेकर लगातार नए-नए प्रयोग कर रही हैं. साथ ही यहां के किसानों को ट्रेनिंग भी मुहैया करा रही हैं. उनका कहना है कि कई महिला समूह लगातार उनसे संपर्क में है. अब वह पूर्ण रूप से मसालों की खेती भी करने लगे हैं.