गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार हो गई है. कुछ राज्यों में कटाई की शुरुआत भी हो चुकी है. इसी बीच गोरखपुर के जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने भूसा बनाने वाली मशीन से गेहूं की कटाई पर रोक लगा दी है. जिलाधिकारी ने ये फैसला स्ट्रा रीपर युक्त मशीन से गेहूं की कटाई के दौरान निकलने वाली चिंगारी से आग लगने वाली घटनाओं के चलते किया.
15 अप्रैल तक स्ट्रा रीपर मशीन के उपयोग पर रोक
जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने स्ट्रा रीपर युक्त मशीन के उपयोग पर 15 अप्रैल तक रोक लगा दी है. इस दौरान अगर किसी के द्वारा इस मशीन का उपयोग किया गया तो उनपर कार्रवाई की जाएगी. डीएम कृष्णा करूणेश की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है.
मशीन से चिंगारी निकलने की वजह से लगती है रोक
हर साल गेहूं की फसल में आग लगने से बड़े पैमाने पर नुकसान होता है. जांच में यह बात सामने आई है कि भूसा बनाने वाली मशीन से निकलने वाली चिंगारी के कारण गेहूं की फसल में सबसे ज्यादा आग लगती है.
24 घंटे के अंदर किसानों को मिलेगा मुआवजा
जिला प्रशासन ने आग लगने से फसलों को होने वाले नुकसान पर किसानों को मुआवजा देने की भी घोषणा की है. आग लगने की घटना में जिन किसानों की फसल जलती है, उन्हें जिला प्रशासन की ओर से आपदा निधि के अंतर्गत 24 घंटे के भीतर 25 हजार का मुआवजा दिया जाएगा. आपदा निधि से 24 घंटे के भीतर मुआवजा दे दिया जाएगा. इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड के तहत भी बीमा का लाभ किसानों को दिया जाएगा.
जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने क्या कहा
डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा कि जिले में गेहूं की फसल में आग लगने की घटनाएं काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं. यह बात सामने आ रही है कि स्ट्रा रिपर के प्रयोग से निकलने वाली चिंगारी के कारण आग लग रही है. इसे देखते हुए जिले में मशीन के प्रयोग को 15 अप्रैल तक प्रतिबंधित कर दिया गया है. प्रभावित किसानों का आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. आपदा निधि और अन्य योजनाओं के जरिए उन्हें मुआवजा मिलेगा.
(गोरखपुर से विनीत पांडे की रिपोर्ट)