Rain destroyed crops: उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है. दरअसल इस वक्त खेतों में रबी की फसलें लगी हुई हैं. इसके अलावा आलू किसानों के लिए फरवरी और मार्च का महीना बेहद महत्वपूर्ण रहता है. इस वक्त किसान खेतों से आलू निकालने की तैयारी कर रहे होते हैं. अब बारिश की मार के बाद किसानों का कहना है इस बार मजदूरी तक की लागत खेती से निकाल पाना मुश्किल हो जाएगा.
बता दें कि हरियाणा के भिवानी, दादरी व महेन्द्रगढ जिले के कई गांवों में बारिश से गेहूं और सरसों की फ़सलों को खासा नुकसान हुआ है. कई गांवों में तो सरसों की फ़सल पूरे तरह से बर्बाद हो गई है. इसी को लेकर भकियू के प्रदेश युवा अध्यक्ष रवि आज़ाद ने प्रदेश सरकार से 10 दिन में प्रति एकड़ 50 हज़ार रुपये मुआवजा देने, किसानों के बिजली बिल व केसीसी का कर्ज माफ़ करने की मांग की है.
रवि आज़ाद ने किसानों के साथ बर्बाद फ़सलों को दिखाते हुये प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो भकियू के कार्यकर्ता कृषि मंत्री जेपी दलाल के आवास का घेराव करेंगे. हालांकि खुद सीएम मनोहरलाल ने एक दिन पहले ही भरोसा दिया था कि किसी भी किसान को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान को अकेले नहीं झेलने देंगे.
वहीं बारिश और ओलावृष्टि की वजह से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भी आलू किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है. बारिश की वजह से आलू खेतों में ही खराब हो गया है. किसानों का कहना है कि इस बार मजदूरी तक की लागत भी आलू बेचने के बाद नहीं निकाल पाना मुश्किल है. बेमौसम बारिश और ओलों ने आलू की पूरी फसल को बर्बाद कर दिया है. ऐसे में उनके सामने जीवनयापन का संकट आ गया है.
( रिपोर्ट: जगवीर गंगाश, भिवानी)