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कृषि मेला: इस राज्य में हर जिले से एक किसान को किया जाएगा सम्मानित, मुनाफे वाली फसलों की दी जाएगी जानकारी

Krishi Mela: चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार (HAU) की ओर से रबी कृषि मेला (Agriculture Fair) 8 और 9 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है. इस मेले में हरियाणा के प्रत्येक जिले के एक-एक प्रगतिशील किसान को सम्मानित किया जाएगा.

Hisar agriculture fair Hisar agriculture fair
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसानों को सम्मानित करने के लिए बनाई जा चुकी है लिस्ट
  • पानी की बर्बादी रोकने के लिए भी किया जाएगा जागरूक

Agriculture Fair: भारत के किसान धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं. वे खेती में अब नई तकनीकों का प्रयोग करने लगे हैं. केंद्र और राज्य सरकारें भी विभिन्न तरह की योजनाओं लाकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है. इसी के तहत किसानों को नई फसलों और तकनीक की जानकारी देने के लिए हर राज्य सरकार अपने यहां कृषि मेले (Krishi Mela) का भी आयोजन करती है.

हरियाणा के हिसार में किया जा रहा है कृषि मेले का आयोजन

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार (HAU) की ओर से रबी कृषि मेला (Agriculture Fair) 8 और 9 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है. इस मेले में हरियाणा के प्रत्येक जिले के एक-एक प्रगतिशील किसान को सम्मानित किया जाएगा. इसके लिए किसानों की लिस्ट भी बनाई जा चुकी है. सरकार ने राज्य भर के किसानों से इस मेले में शामिल होने की अपील की है, ताकि उन्हें खेती की नई-तकनीकों के बारे में जागरूक किया जा सके. 

कृषि मेले का मुख्य उद्देश्य 

> किसानों को नई तरह की मुनाफे वाली फसलें और तकनीकों के बारे में जानकारी देना.
> किसानों को सम्मानित करके अन्य किसानों का खेती को लेकर उत्साह बढ़ाना.
> दी गई जानकारियों की मदद से खेती में मुनाफा बढ़ाना.

जल संरक्षण पर रखा गया है मेले का थीम

भारत के कई राज्य जल संकट से जुझ रहे हैं. हरियाणा के भी कई जिलों में जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है. किसानों को इस स्थिति को लेकर जागरूक किया जा सके, इसलिए इस बार मेले का थीम जल संरक्षण पर रखा गया है. कृषि मेले में किसानों को पानी की बर्बादी से जीवन पर आने वाले संकट के बारे में बताया जाएगा. साथ ही उन्हें ये भी बताया जाएगा कि किन फसलों के लिए कितनी सिंचाई की जरूरत है, ताकि बेवजह पानी की बर्बादी ना हो.

किसानों की समस्याओं का किया जाएगा समाधान

मेले के दौरान हजारों किसान आने वाले हैं. उनकी कई समस्याएं भी होंगी. इन समस्याओं के समाधान के लिए कृषि वैज्ञानिकों की कमेटियों का गठन किया गया है. किसान भाई इन कमेटियों में शामिल सदस्यों से अपने फसल, तकनीक, बीज और खेती-बाड़ी से जुड़ी तमाम जानकारियों को हासिल कर सकते हैं.


 

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