अमेरिका और इजरायल ने सोचा था कि अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान की जनता इस्लामिक सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अली खामेनेई की मौत के बाद भी ईरान में वर्तमान इस्लामिक सरकार टिकाऊ है और लोगों ने इसे नहीं बदला. यूएस इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इस्लामिक शासन के गिरने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं और धार्मिक नेतृत्व एकजुट बना हुआ है. इस रिपोर्ट ने अमेरिका और इजरायल के उस अनुमान को गलत साबित किया है जिसमें माना गया था कि झंडा परिवर्तन की बड़ी संभावना है. देखें वीडियो.