मलेशिया के एक राज्य में जुमे की नमाज को अनिवार्य कर दिया गया है. यदि कोई व्यक्ति नमाज पढ़ने से इनकार करता है या भूल जाता है, तो इसे कानूनी अपराध माना जाएगा. इसके लिए 2 साल की जेल और 62 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है.