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Taliban पर पसीजे China और Pakistan, और गहराया अफगानिस्तान में संकट

Taliban पर पसीजे China और Pakistan, और गहराया अफगानिस्तान में संकट

तालिबान को आप क्या मानते हैं? एक कट्टरपंथी आतंकवादी संगठन, यही ना? लेकिन चीन और पाकिस्तान का दिल तालिबान पर पसीज गया है. कल चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने तालिबान के प्रतिनिधि से मुलाकात की थी. ये मुलाकात इस तरह हुई थी जैसे किसी दूसरे देश की सरकार के प्रतिनिधि से मुलाकात होती है. उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक इंटरव्यू में तालिबान को आतंकी संगठन मानने से इनकार किया है. चीन-पाकिस्तान और तालिबान की नज़दीकियां एक ऐसे कूटनीतिक स्वार्थ को जन्म दे रही हैं, जिसने अफगानिस्तान में तालिबान संकट को और गहरा कर दिया है. देखें ये वीडियो.

With less than a month for the US military to move out of Afghanistan, a Taliban delegation was already in China on July 28 holding friendly 'talks' in Tianjin. Taliban seems to be China's new friend. Why? Because it makes for good business sense. The US military is getting out of Afghanistan by August 31, 2021, and with barely a month to go, a Taliban delegation was already in China on July 28 holding friendly talks in Tianjin. For all practical purposes, it seems that the People's Republic of China is in a hurry to grant legitimacy to the Taliban. While Pakistan is also lending help to the Taliban. Watch this video.

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