
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्विटजरलैंड के दावोस में दिए गए अपने भाषण से अतंरराष्ट्रीय हलकों में सनसनी मचा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जुबानी हमलों का लगातार सामना कर रहे मैक्रों ने बिगड़ते वर्ल्ड ऑर्डर पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने अपने भाषण में "बुलीज़" (bullies) जैसे शब्दों का प्रयोग किया और कहा कि जोर-जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात की.
इमैनुएल मैक्रों ने बिना नाम लिए लेकिन स्पष्ट रूप से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ओर इशारा करते हुए कहा कि दुनिया "एक नियम-रहित विश्व" (world without rules) की ओर बढ़ रही है, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून को पैरों तले कुचला जा रहा है और सिर्फ "ताकतवर का कानून" (law of the strongest) चल रहा है.
मैक्रों ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जुटे विश्व भर के नेताओं को आसामनी रंग सनग्लासेज पहने मैक्रों ने संबोधित करते हुए कहा, "देखिए हम किस स्थिति में हैं. मेरा मतलब है, डेमोक्रेसी के खिलाफ, तानाशाही की तरफ बदलाव. ज़्यादा हिंसा, 2024 में 60 से ज़्यादा युद्ध – यह एक बिल्कुल रिकॉर्ड है, भले ही मुझे पता चला कि उनमें से कुछ फिक्स थे. और टकराव नॉर्मल हो गया है, हाइब्रिड हो गया है, नई मांगों, जगह, डिजिटल जानकारी, साइबर, व्यापार वगैरह में फैल रहा है."
अंतर्राष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जाता है
मैक्रों ने अमेरिकी दादागीरी की चर्चा करते हुए कहा कि, "यह एक ऐसी दुनिया की ओर भी बदलाव है जहां कोई नियम नहीं हैं जहां अंतर्राष्ट्रीय कानून को पैरों तले रौंदा जाता है और जहां ऐसा लगता है कि सिर्फ़ सबसे ताकतवर का कानून ही मायने रखता है."
ट्रंप से 200 फीसदी टैरिफ की धमकी झेल चुके फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाएं फिर से उभर रही हैं. जाहिर है रूस का युद्ध, यूक्रेन के खिलाफ़ रूस का आक्रामक युद्ध, जो अगले महीने अपने चौथे साल में प्रवेश करेगा और मध्य पूर्व और पूरे अफ्रीका में संघर्ष जारी हैं.
बहुपक्षवाद कमजोर किया जा रहा है
यह एक ऐसी दुनिया की ओर भी बदलाव है जहां प्रभावी सामूहिक शासन नहीं है और जहां बहुपक्षवाद उन शक्तियों द्वारा कमज़ोर किया जा रहा है जो इसमें बाधा डालती हैं या इससे मंह मोड़ लेती हैं, और नियम कमज़ोर हो रहे हैं.
ट्रंप द्वारा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को ठेंगा दिखाने की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए मैक्रों ने कहा कि, "मैं ऐसे इंटरनेशनल संगठनों के कई उदाहरण दे सकता हूं जिन्हें बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने कमज़ोर कर दिया है या छोड़ दिया है। और जब हम स्थिति को देखते हैं, तो यह साफ़ तौर पर बहुत चिंताजनक समय है, क्योंकि हम उस स्ट्रक्चर को खत्म कर रहे हैं जहां हम स्थिति को ठीक कर सकते हैं और हमारे सामने आने वाली आम चुनौतियों का सामना कर सकते हैं.
टैरिफ का इस्तेमाल संप्रभुता पर प्रेशर बनाने के लिए
मैक्रों ने कहा कि अब सामूहिक शासन की बजाय टकराव का रास्ता अपनाया जा रहा है. अमेरिकी टैरिफ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका से ट्रेड एग्रीमेंट के ज़रिए मुकाबला जो हमारे एक्सपोर्ट हितों को कमज़ोर करता है, ज़्यादा से ज़्यादा रियायतें मांगता है और खुले तौर पर यूरोप को कमज़ोर करने और अपने अधीन करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही नए टैरिफ का अंतहीन जमावड़ा जो मूल रूप से अस्वीकार्य है, खासकर जब उनका इस्तेमाल क्षेत्रीय संप्रभुता के खिलाफ दबाव बनाने के लिए किया जाता है.
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि इस समस्या को ठीक करने के लिए इसका जवाब है ज़्यादा सहयोग. और नए तरीके अपनाना. उन्होंने कहा कि यह साफ तौर पर ज़्यादा आर्थिक संप्रभुता और रणनीतिक अर्थव्यवस्था बनाना है, खासकर यूरोपियनों के लिए.
आसमानी रंग का गोगल्स चमकाकर मैक्रां ने महफिल लूट ली
इस संबोधन में राष्ट्रपति मैक्रों के भाषण के अलावा उनका आसमानी सनग्लास भी चर्चा में रहा. अमूमन बिना चश्मा के दिखने वाले मैंक्रों इस बार आसमानी सनग्लास में थे. उनका ये लुक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

हालांकि इस चश्मे की वजह मेडिकल है. इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि, 'उनकी आंखों में समस्या है. मीटिंग की शुरुआत में ही उन्होंने विनम्रता से कहा, "सनग्लासेस के लिए माफी चाहता हूं, मेरी आंखों में हल्की दिक्कत है.
फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार, इसका कारण एक फटी हुई खून की नस थी, जिससे मैक्रों की आंखों में सूजन आ गई थी. बता दें कि 15 जनवरी को फ्रांसीसी राष्ट्रपति को साफ तौर पर लाल और सूजी हुई आंख के साथ देखा गया था.
हम Bullies के बजाय सम्मान को पसंद करते हैं
फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि हम 2026 के दौरान इस ग्लोबल एजेंडा को पूरा करने की कोशिश करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे, ताकि ज़्यादा सहयोग से ग्लोबल असंतुलन को ठीक किया जा सके, और हम एक मज़बूत यूरोप के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे, जो बहुत ज़्यादा मज़बूत और ज़्यादा आत्मनिर्भर हो, उन स्तंभों पर आधारित हो जिनका मैंने अभी ज़िक्र किया.
समस्याओं को सुलझाने के लिए उन्होंने कहा कि हम बातचीत पर वापस आ सकते हैं, लेकिन रक्षा और सुरक्षा पर ज़्यादा निवेश और प्रतिबद्धताओं के साथ. क्योंकि हमें बहुत ज़्यादा निवेश करना होगा. क्योंकि हम मानते हैं और यहां इस महाद्वीप के केंद्र में, हम मानते हैं कि हमें ज़्यादा विकास की ज़रूरत है, हमें इस दुनिया में ज़्यादा स्थिरता की ज़रूरत है.
लेकिन हम धमकियों (Bullies) के बजाय सम्मान को पसंद करते हैं. हम साज़िशों के बजाय विज्ञान को पसंद करते हैं, और हम क्रूरता के बजाय कानून के शासन को पसंद करते हैं.