महिला सिपाहियों का वर्जिनिटी टेस्ट करके इंडोनेशिया की नेशनल पुलिस विवादों में आ गई है. इंडोनेशिया पुलिस ने गुरुवार को माना कि उसने नए महिला सिपाहियों की 'शारीरिक और नैतिक शक्ति' साबित करने के लिए उनका वर्जिनिटी टेस्ट करवाया. ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) इस जांच को अपमानजनक करार दिया है.
'जकार्ता पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल पुलिस के कानूनी विभाग के निदेशक महानिरीक्षक मोकजियाटरे ने कहा कि यह जांच सिर्फ महिलाओं का किया जाता है और इसे अधिकारियों के नियमों के अनुसार किया जाता है. इसे अस्पताल में पुलिस द्वारा किया जाता है.
मोकजियाटरे ने जकार्ता में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, 'यह प्रक्रिया काफी पहले से होती आ रही है. कौमार्य की जांच कर हम उम्मीदवारों के गुणवत्ता की जांच करते हैं.' एचआरडब्ल्यू ने मंगलवार को कौमार्य परीक्षण यानी 'टू फिंगर टेस्ट' की निंदा की थी. एचआरडब्ल्यू की सहायक महिला अधिकार निदेशक निशा वारिया ने एक रिपोर्ट में कहा, 'इंडोनेशियन नेशनल पुलिस द्वारा किया जाने वाला कौमार्य परीक्षण पक्षपात करने वाली कार्रवाई है और इससे महिलाओं को नुकसान तथा उनका अपमान होता है.'
गौरतलब है कि इंडोनेशियन नेशनल पुलिस की योजना दिसंबर तक सेना में महिलाओं की संख्या 21 हजार तक करने की है. एचआरडब्ल्यू के मुताबिक, कौमार्य परीक्षण अन्य देशों जैसे मिस्र तथा अफगानिस्तान में भी किया जाता है.
इनपुट: IANS