अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को आधी रात में गिरफ्तार कर पूरी दुनिया को चौंका दिया. इस हाई रिस्क मिशन की प्लानिंग महीनों से चल रही थी. CIA के जमीनी सूत्र, सेना की डेल्टा फोर्स, मॉक हाउस में रिहर्सल और आसमान से बरसती ताकत... यह ऑपरेशन सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अमेरिकी सैन्य शक्ति का खुला प्रदर्शन था.
शनिवार सुबह 4:21 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में लिखा था कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया है. लेकिन इस ऐलान से पहले महीनों तक पर्दे के पीछे एक बेहद जटिल ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी.
मॉक हाउस में हुई थी रिहर्सल
सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स ने मादुरो के सेफ हाउस की बिल्कुल वैसी ही एक कॉपी बनाई थी. उसी घर में बार-बार अभ्यास किया गया कि भारी सुरक्षा वाले परिसर में कैसे घुसा जाए और राष्ट्रपति को बाहर निकाला जाए.
CIA का जमीनी नेटवर्क
CIA की एक छोटी टीम अगस्त से ही वेनेजुएला में मौजूद थी. एजेंसी के पास मादुरो के बेहद करीबी सूत्र थे, जो उनकी हर मूवमेंट पर नजर रख रहे थे. मादुरो कब कहां रहते हैं, क्या खाते हैं, किस समय कहां होते हैं- हर डिटेल इकट्ठा की गई.
ट्रंप की अंतिम मंजूरी
चार दिन पहले ट्रंप ने ऑपरेशन को सैद्धांतिक मंजूरी दी, लेकिन मौसम साफ होने का इंतजार किया गया. शुक्रवार रात 10:46 बजे अंतिम आदेश दिया गया. ऑपरेशन का नाम रखा गया- ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व.
150 से ज्यादा विमान...
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि इस ऑपरेशन में 150 से ज्यादा एयरक्राफ्ट शामिल थे. F-35, F-22 फाइटर जेट, B-1 बॉम्बर, ड्रोन, ईंधन भरने वाले टैंकर और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग विमान... सब कुछ तैयार था.
काराकास पर अचानक हमला...
अमेरिकी विमानों ने काराकास और आसपास के इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया. ला कार्लोटा एयरबेस पर वेनेजुएला की एंटी-एयरक्राफ्ट यूनिट के जले हुए वाहन देखे गए.
हेलिकॉप्टर से घुसी स्पेशल फोर्स
रात करीब 1 बजे अमेरिकी स्पेशल फोर्स हेलिकॉप्टरों से काराकास में दाखिल हुई. स्थानीय लोगों ने आसमान में नीचे उड़ते हेलिकॉप्टरों के वीडियो सोशल मीडिया पर डाले. एक हेलिकॉप्टर पर फायरिंग हुई, लेकिन वह उड़ान भरने में कामयाब रहा.
स्टील के दरवाजे और ब्लोटॉर्च
ट्रंप के मुताबिक मादुरो का ठिकाना एक भारी किले जैसा था. स्पेशल फोर्स के पास स्टील के दरवाजे काटने के लिए ब्लोटॉर्च तक मौजूद थे. मादुरो सेफ रूम तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरवाजा बंद नहीं कर पाए.
मादुरो ने किया सरेंडर
सैन्य बलों के घर के अंदर घुसते ही मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस ने सरेंडर कर दिया. कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई.
संसद को बाद में सूचना
ऑपरेशन शुरू होने के बाद विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सांसदों को जानकारी दी. आमतौर पर कांग्रेस को पहले बताया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ.
USS Iwo Jima पर न्यूयॉर्क पहुंचे मादुरो
सुबह 3:20 बजे तक हेलिकॉप्टर समुद्र के ऊपर थे. मादुरो और उनकी पत्नी को USS Iwo Jima जहाज के जरिए न्यूयॉर्क ले जाया गया. ट्रंप ने मादुरो की आंखों पर पट्टी और हथकड़ी लगी तस्वीर भी जारी की. अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक मादुरो को न्यूयॉर्क लाया गया, यहां उन पर ड्रग तस्करी और हथियारों से जुड़े मामलों में मुकदमा चलेगा.
क्या बोले ट्रंप
ट्रंप ने कहा, वहां अंधेरा था, यह ऑपरेश घातक था और यह पूरी तरह सफल रहा. उन्होंने दावा किया कि काराकास की बिजली तक काट दी गई थी ताकि ऑपरेशन में कोई रुकावट ना आए.