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इंडिया की अगुवाई वाले सोलर अलायंस समेत 65 इंटरनेशनल संगठनों से अलग हुआ अमेरिका

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को आगे बढ़ाते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. अमेरिका ने भारत के नेतृत्व वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) सहित 66 वैश्विक संस्थाओं से हटने का औपचारिक ऐलान कर दिया है.

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अमेरिका ने 65 संगठनों को अपने हितों का विरोध बताया है. (Reuters Photo)
अमेरिका ने 65 संगठनों को अपने हितों का विरोध बताया है. (Reuters Photo)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने को एक मेमोरेंडम पर साइन किए, जिसमें अमेरिका को उन इंटरनेशनल संगठनों, समझौतों और संधियों से बाहर निकलने का निर्देश दिया गया है, जो अमेरिका के 'हितों के खिलाफ' हैं. ट्रंप प्रशासन ने 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को आगे रखते हुए भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) सहित 66 वैश्विक संस्थाओं से हटने का ऐलान किया है. व्हाइट हाउस ने इन संगठनों को अमेरिकी संप्रभुता और आर्थिक हितों के खिलाफ बताया है.

इस ऐलान का जिक्र व्हाइट हाउस द्वारा जारी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडा के बयान में किया गया है, जिसमें 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठनों और 31 संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं से बाहर निकलने का ज़िक्र किया गया है.

गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठनों में भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाला इंटरनेशनल सोलर अलायंस, इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) और इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज जैसे प्रमुख पर्यावरण संगठन शामिल हैं.

'नौकरशाहों को सब्सिडी देना बंद...'

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "आज, राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका 66 अमेरिका-विरोधी, बेकार या फिजूलखर्ची वाले अंतरराष्ट्रीय संगठनों को छोड़ रहा है. इसके अलावा अन्य संगठनों की समीक्षा अभी भी जारी है."

उन्होंने आगे कहा कि यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अमेरिकियों से किए गए एक अहम वादे को पूरा करते हैं. हम उन ग्लोबलिस्ट नौकरशाहों को सब्सिडी देना बंद करेंगे, जो हमारे हितों के खिलाफ काम करते हैं. ट्रंप प्रशासन हमेशा अमेरिका और अमेरिकियों को सबसे पहले रखेगा.
 

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संयुक्त राष्ट्र के जिन प्रमुख संगठनों से अमेरिका हट गया है, उनमें डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल अफेयर्स, इंटरनेशनल लॉ कमीशन, इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर, पीस बिल्डिंग कमीशन, यूएन एनर्जी और यूएन पापुलेशन फंड और यूएन वॉटर शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: 'हमने अमेरिका की रिक्वेस्ट पर दिया फुल सपोर्ट...', रूसी ऑयल टैंकर रोके जाने पर UK का बड़ा कुबूलनामा

अमेरिका ने क्यों लिया ऐसा फैसला?

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में बताया गया कि ट्रंप ने सभी एग्जीक्यूटिव डिपार्टमेंट और एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे मेमोरेंडम में बताए गए संगठनों से अमेरिका को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए तुरंत कदम उठाएं, और कहा कि यूनाइटेड नेशंस की संस्थाओं के लिए, बाहर निकलने का मतलब होगा कानून के तहत जितनी इजाज़त हो, उतनी हद तक उन संस्थाओं में हिस्सा लेना या उन्हें फंडिंग देना बंद करना.

इसमें बताया गया कि ट्रंप का यह फैसला विदेश मंत्री की रिपोर्ट पर विचार करने और अपने कैबिनेट के साथ चर्चा करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने तय किया कि इन संगठनों में हिस्सा लेना या उन्हें सपोर्ट करना अमेरिका के हितों के खिलाफ था.

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