US-Israel-Iran War Live: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग को 31 दिन हो गए हैं. सीजफायर के लिए अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के सामने कड़ी शर्तें रखी हैं. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ऐलान किया है कि दोनों देश बातचीत के लिए तैयार हैं. डार ने ये भी बताया कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच वार्ता कराने जा रहा है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, 'हमने क्षेत्र में युद्ध को जल्द और स्थायी रूप से खत्म करने के मुमकिन तरीकों पर बातचीत की. हम इस बात पर सहमत हुए कि ये युद्ध किसी के पक्ष में नहीं है और इससे सिर्फ मौतें और विनाश ही होगा. इस चुनौती से भरे समय में मुस्लिम उम्माह की एकता बहुत जरूरी है.'
एक तरफ पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता कराने के दावे कर रहा है. दूसरी तरफ, तेहरान में हमले जारी हैं और बुनियादी ढांचे पर हमलों के बाद कुछ हिस्सों में बिजली काट दी गई है,
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य अभियानों का और विस्तार करने का निर्देश दिया है. उत्तरी कमान से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि ये फैसला हिजबुल्ला के लगातार रॉकेट हमलों और टैंक-रोधी मिसाइल के खतरे को सीमा से दूर धकेलने के लिए लिया गया है.
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) ने जानकारी दी है कि रविवार को दक्षिणी लेबनान के अदचित अल-कुसैर गांव के पास एक धमाका हुआ. इस विस्फोट में मिशन का एक शांति रक्षक मारा गया है. UNIFIL के मुताबिक, इस घटना में एक अन्य शांति रक्षक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
22 साल के मोशे यित्जाक हाकोहेन काट्ज की शनिवार को दक्षिणी लेबनान में एक सैन्य अभियान के दौरान मौत हो गई. मोशे ने महज कुछ हफ्ते पहले ही अपना सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया था. वो अमेरिका के कनेक्टिकट से इजरायल जाकर सेना में शामिल हुए थे. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को एक बयान जारी कर मोशे काट्ज को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि काट्ज ने मातृभूमि की रक्षा में बहादुरी से लड़ाई लड़ी.
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के मंत्री फाल्कनर ने इजरायल को सख्त हिदायत दी है. उन्होंने कहा है कि इजरायल को जंग को और ज्यादा बढ़ाने से बचना चाहिए. साथ ही, उन्होंने कहा कि इजरायल को लेबनानी क्षेत्र पर कब्जा करने की किसी भी कार्रवाई से दूर रहना चाहिए.
ईरान ने अब सीधे तौर पर क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल के 'कमांडरों और राजनीतिक अधिकारियों' के घरों को निशाना बनाने की धमकी दी है. ईरान ने चेतावनी दी है कि वो अपने ठिकानों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए इन अधिकारियों के निजी ठिकानों पर हमला कर सकता है.
यमन के हूती विद्रोहियों के इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों का जवाब देने के लिए इजरायल और अमेरिका बेहद करीबी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं. इसकी जानकारी इजरायली सेना के प्रवक्ता कर्नल नदव शोशानी ने दी है. बता दें कि हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने इजरायली ठिकानों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी हैं. प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देश इस हमले का मुकाबला करने और इसका करारा जवाब देने के लिए रक्षात्मक और रणनीतिक स्तर पर एक-दूसरे का पूरा सहयोग कर रहे हैं.
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण यरूशलेम और वेस्ट बैंक के आसमान में प्रोजेक्टाइल्स देखे गए. मिसाइल हमलों की आहट मिलते ही पूरे इलाके में सायरन बजने लगे और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे. जवाब में इजरायली सेना ने भी बयान जारी कर बताया है कि वो तेहरान में ईरानी सरकार से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रहे हैं. इजरायली एम्बुलेंस सेवा के अनुसार, फिलहाल इन हमलों में किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि ईरान के खोंडाब स्थित संयंत्र को 27 मार्च को हुए हमले में भारी नुकसान पहुंचा है. ये प्लांट अब काम करने की स्थिति में नहीं है. पहले इस हमले के बाद रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा जताया जा रहा था. लेकिन IAEA ने साफ किया है कि खोंडाब के इस केंद्र में कोई भी घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका में हो रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ईरान के खिलाफ अपने प्रशासन के अवैध युद्ध को खत्म करने की मांग कर रही है, जो कि अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है.
बघाई ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी जनता ने हमेशा से ही अपनी सरकारों की गलत और युद्ध भड़काने वाली नीतियों का साहस के साथ विरोध किया है. ये फैसले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का उल्लंघन करते हैं, जिनका फैसला जनता और दुनिया की अंतरात्मा करेगी. ईरान की अमेरिकी जनता के साथ कोई दुश्मनी नहीं है. किसी भी अमेरिकी नागरिक की जान या वहां के टैक्स का पैसा उन सनकी युद्ध अपराधियों के लिए कुर्बान नहीं किया जाना चाहिए, जो सिर्फ अपने लिए ये विनाशकारी युद्ध लड़ रहे हैं.
लेबनान सीमा पर इजरायली सैन्य वाहनों की भारी हलचल देखी गई. हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को दक्षिणी लेबनान में मौजूदा 'सुरक्षा बफर जोन' का और विस्तार करने के निर्देश दिए हैं. नेतन्याहू ने संकल्प लिया है कि वो वहां के सुरक्षा हालात को बुनियादी रूप से बदल देंगे. सीमा पर बढ़ती सैन्य मौजूदगी इस बात का संकेत है कि इजरायल अपनी सुरक्षा रणनीति को और सख्त करने जा रहा है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इजरायल पर हमला बोलते हुए कहा कि वो इस गलतफहमी में हैं कि बमबारी के जरिए ज्ञान या शिक्षा को खत्म किया जा सकता है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के वैज्ञानिकों की हत्या, परमाणु केंद्रों पर हमले और अब विश्वविद्यालयों को निशाना बनाना इसी मानसिकता का हिस्सा है. अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि ये हरकतें सिर्फ उनकी हताशा को दिखाती हैं और इससे ईरान के लोगों में ज्ञान और प्रगति की राह पर बढ़ने का जज्बा और भी मजबूत होगा.