अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को बताया कि उसने पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग्स की तस्करी के आरोप में एक नाव पर घातक हमला किया. इस कार्रवाई में दो संदिग्ध तस्करों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जिंदा बच गया. एक्स पर पोस्ट में अमेरिकी साउदर्न कमांड ने कहा कि 23 जनवरी को, युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के निर्देश पर, जॉइंट टास्क फोर्स साउदर्न स्पीयर ने एक ऐसी नाव पर घातक सैन्य हमला किया, जिसे आतंकी संगठन चला रहे थे.
कमांड के मुताबिक, खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि यह नाव नार्को तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले जाने-पहचाने समुद्री रास्तों से गुजर रही थी और अवैध गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थी. पोस्ट में कहा गया कि इस हमले में दो 'नार्को-आतंकवादी' मारे गए, जबकि एक व्यक्ति बच गया. इसके बाद अमेरिकी कोस्ट गार्ड को तुरंत सूचना दी गई, ताकि उस व्यक्ति के लिए खोज और बचाव अभियान शुरू किया जा सके.
वीडियो में दिखी नाव
पोस्ट के साथ शेयर किए गए वीडियो में एक नाव पानी में आगे बढ़ती दिखती है, जिसके बाद वह आग के गोले में बदल जाती है. हाल के समय में अमेरिकी सेना का पूरा ध्यान वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त करने पर भी रहा है.
यह कार्रवाई तब और तेज हो गई, जब ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क लाने और उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोपों का सामना कराने के लिए एक अभियान शुरू किया.
मादुरो को पकड़ने के बाद पहला हमला
यह हमला इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी बलों की ओर से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से घोषित घातक सैन्य कार्रवाई है. पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिकी बलों ने कैरिबियन और प्रशांत क्षेत्रों में उन नावों के खिलाफ अभियान तेज किया है, जिन पर ड्रग्स की तस्करी और आपराधिक गिरोहों से जुड़े होने का शक है.
अब तक 100 से ज्यादा संदिग्ध तस्कर मारे गए
यह सब ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर के तहत किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत पिछले साल की गई थी. सितंबर के बाद से इस तरह की अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों में 100 से ज्यादा संदिग्ध तस्कर मारे जा चुके हैं. हालांकि, कुछ आलोचकों ने इन अभियानों में लक्ष्य तय करने की प्रक्रिया और आम नागरिकों को होने वाले संभावित खतरे पर सवाल भी उठाए हैं.