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भारत के दोस्त मुल्क ने पाकिस्तान को दिया अरबों रुपये का झटका!

गल्फ में सऊदी अरब के साथ डील करने के बाद पाकिस्तान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ अरबों का डील करने वाला था. लेकिन UAE नेतृत्व पाकिस्तान की मंशा को समझ गया और इस्लामाबाद एयरपोर्ट को ऑपरेट करने के प्लान से बाहर निकल गया है. ये प्रोजेक्ट इंडियन करेंसी में 12 अरब 36 करोड़ रुपये का था.

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शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर (Photo: X)
शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर (Photo: X)

सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता कर डींग हांकने वाले पाकिस्तान के रिश्ते संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से लगातार खराब हो रहे हैं. सऊदी अरब से रिश्ते बनाकर पाकिस्तान इसका इस्तेमाल दूसरे गल्फ देशों पर दबाव बनाने के लिए करने लगा था. लेकिन गल्फ में सऊदी अरब के प्रतिद्वंद्वी रहे UAE ने पाकिस्तान को अरबों रुपये का झटका दिया है. भारतीय मुद्रा में ये प्रोजेक्ट 12 अरब 36 करोड़ रुपये का था. आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान मुल्क के सबसे बड़े एयरपोर्ट इस्लामाबाद हवाई अड्डे के मैनेजमेंट और ऑपरेशन का जिम्मा UAE को देकर इससे अरबों रुपये वसूलना चाहता था.

लेकिन UAE ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद एयरपोर्ट के मैनेजमेंट से जुडे एक प्रोजेक्ट से सीधा हाथ खींच लिया है. अगस्त 2025 में पाकिस्तान में जारी आर्थिक संकट के बीच यूएई ने इस हवाई अड्डे का संचालन लेने पर सहमति जताई थी. लेकिन जनवरी 2026 में यूएई ने इस प्रस्ताव से पीछे हट लिया. 

दरअसल अगस्त 2025 और जनवरी 2026 के बीच संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और भारत के रिश्तों के बीच काफी कुछ हुआ है. कुछ ही दिन पहले UAE के राष्ट्रपति  शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 3 घंटे के भारत दौरे पर आए थे. कूटनीतिक हलकों में भारत-UAE संबंधों को लेकर इस दौरे की काफी चर्चा रही. नाहयान 19 जनवरी को सिर्फ 3 घंटे के लिए भारत आए थे. उनके भारत दौरे का ऐलान 1 दिन पहले 18 जनवरी को हुआ था.

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इस बीच खाड़ी में भी यमन को लेकर सऊदी अरब और UAE के बीच टकराव रहा. स्थिति इतनी बिगड़ी कि सऊदी अरब ने UAE के सैनिकों पर हमला भी किया और यमन से UAE को निकलना पड़ा. इस बीच सऊदी अरब पाकिस्तान के बीच सैन्य समझौता भी हुआ. 

देरी कर पाकिस्तान को मैसेज दे रहा था UAE

पाकिस्तान के अखबार ट्रिब्यून डॉन कॉम के अनुसार अबू धाबी के इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी खोने के बाद सरकार ने इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मैनेजमेंट और ऑपरेशन को यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) को आउटसोर्स करने की योजना को रोक दिया है.

पाकिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच यह गतिरोध इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आउटसोर्सिंग के लिए UAE द्वारा किसी संगठन को नॉमिनेट करने में बार-बार देरी के बाद सामने आया.

UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और PAK प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ.

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के हाल ही में सफल प्राइवेटाइजेशन के बाद अब वहां सरकार ने इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निजी कंपनियों के हवाले देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. 

लेकिन इससे पहले पाकिस्तान सरकारी स्तर पर UAE से बात करना चाहता था. UAE ने शुरुआत में इस प्रोजेक्ट में रूचि तो दिखाई लेकिन सऊदी-अरब के साथ पाक के घने होते संबंधों के बीच UAE का भी रुख बदलता चला गया.

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ट्रिब्यून डॉन कॉम ने लिखा है कि पाकिस्तान के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी पक्ष ने एक फाइनल कॉल लेटर भेजकर UAE से साफ़ जवाब मांगा था. जवाब में, UAE ने बताया कि वह अभी भी किसी नॉमिनेटेड एंटिटी की पुष्टि नहीं कर पा रहा है.

सूत्र ने कहा कि UAE इस प्रक्रिया को जारी रखने में दिलचस्पी नहीं रखता है, नतीजतन, सरकार ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के बेहद सफल प्राइवेटाइजेशन की मिसाल पर चलते हुए, इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक्टिव प्राइवेटाइजेशन लिस्ट में शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी. 

क्यों बिगड़ रहे UAE और पाकिस्तान के रिश्ते?

पाकिस्तान की भू-राजनीतिक नीतियां UAE के हितों से टकरा रही हैं. पाकिस्तान अरब क्षेत्र में सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा की कथित छतरी देकर इस क्षेत्र में मुस्लिम मुल्कों का लीडर बनना चाहता है. उदाहरणस्वरूप, सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान का रक्षा समझौता और 'इस्लामिक नाटो' जैसी योजनाएं यूएई को नाराज कर रही हैं, जो सऊदी-यूएई प्रतिद्वंद्विता का शिकार है. निश्चित रूप से UAE, जो स्वयं गल्फ की एक बड़ी शक्ति है इसे स्वीकार नहीं कर पा रहा है. इसके विपरीत UAE को भारत के साथ दोस्ती बिरदराना सम्मान, विश्वास और इंडिया का विशाल बाजार मिलता है. 

पाकिस्तान की वैचारिक कठोरता और घरेलू राजनीतिक दबाव यूएई के व्यावहारिक, आर्थिक फोकस वाले मॉडल से मेल नहीं खाते, जिससे अविश्वास बढ़ा है. 

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पाकिस्तान को कितना बड़ा झटका

इस्लामाबाद एयरपोर्ट के आउटसोर्सिंग सौदे का अनुमानित मूल्य लगभग 135 मिलियन डॉलर (12 अरब, 35 करोड़ रुपये) था. ​इसमें सफल बोलीदाता को सिविल एविएशन अथॉरिटी को लगभग 100 मिलियन डॉलर का भुगतान करता होता. 

UAE जा रहे पाकिस्तान राष्ट्रपति

इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं. पाक विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ, 26 से 29 जनवरी तक यह यात्रा करेंगे.

पाकिस्तान सरकार के अनुसार, "यात्रा के दौरान राष्ट्रपति UAE के नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें करेंगे ताकि द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की जा सके, खासकर व्यापार और आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में." अब देखना है कि इस दौरे में पाकिस्तान क्या पैंतरा चलता है.

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