आठ चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रहे जापानी नौसेना के दो हेलिकॉप्टर ट्रेनिंग एक्सरसाइज के दौरान क्रैश हो गए हैं. यह हादसा रात के वक्त हुआ जब टोक्यो के दक्षिण में प्रशांत महासागर में दोनों हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गए. चालक दल के एक सदस्य शव समुद्र से बरामद कर लिया गया है, बचे हुए 7 सदस्य अभी तक लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.
जापान के रक्षा मंत्री माइनोरू किहारा ने मीडिया को बताया कि मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स के दो एसएच-60के हेलिकॉप्टरों ने चालक दल के चार-चार सदस्यों को लेकर उड़ान भरी थी और शनिवार देर रात टोक्यो से लगभग 600 किलोमीटर (370 मील) दक्षिण में तोरीशिमा द्वीप के पास उनका संपर्क टूट गया. किहारा ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का तुरंत पता नहीं चला है, लेकिन दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले दोनों हेलिकॉप्टर एक-दूसरे से टकराए होंगे.
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आपस में टकराने से हुए क्रैश?
किहारा ने कहा कि बचावकर्मियों ने एक उड़ान डेटा रिकॉर्डर, हेलिकॉप्टर से एक ब्लेड और एक ही क्षेत्र से दोनों हेलीकॉप्टरों के टुकड़े बरामद किए हैं, जो संकेत देते हैं कि दोनों एसएच-60के एक-दूसरे के करीब उड़ रहे थे. अधिकारी यह पता लगाने के लिए उड़ान डेटा का विश्लेषण करेंगे कि दुर्घटना का कारण क्या रहा.
एमएसडीएफ ने लापता चालक दल की खोज और बचाव के लिए आठ युद्धपोत और पांच विमान तैनात किए हैं. सिकोरस्की द्वारा डिज़ाइन किए गए और सीहॉक के नाम से जाने जाने वाले हेलिकॉप्टर, डबल इंजन वाले थे जो मल्टी-मिशन विमान, पानी में रात के समय पनडुब्बी रोधी प्रशिक्षण पर थे.रात 10:38 बजे एक का संपर्क टूट गया और एक मिनट बाद एक स्वचालित आपातकालीन सिग्नल भेजा.
समुद्र में जापान ने बढ़ाई पहरेदारी
किहारा ने कहा, केवल एक इमरजेंसी कॉल सुनी गई. ऐसा लगता है कि दोनों हेलीकॉप्टर एक ही स्थान के पास थे, क्योंकि उनके सिग्नल एक ही आवृत्ति का उपयोग करते हैं और उन्हें अलग नहीं किया जा सकता था. SH-60K विमान आमतौर पर पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए विध्वंसक पर तैनात किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग खोज और बचाव और अन्य अभियानों के लिए भी किया जाता है. जापान के पास लगभग 70 मोडिफाई किए हुए हेलीकॉप्टर हैं जो एमएचआई द्वारा लाइसेंस-निर्मित हैं.
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जापान, अपनी 2022 की सुरक्षा रणनीति के तहत, चीन की बढ़ती आक्रामक सैन्य गतिविधियों से खतरों का मुकाबला करने के लिए प्रशांत और पूर्वी चीन सागर में स्थित दक्षिण-पश्चिमी जापानी द्वीपों पर अपने सैन्य निर्माण में तेजी ला रहा है. इसके साथ ही जापान अपनी प्रतिरोध क्षमता को भी मजबूत कर रहा है. हाल के वर्षों में जापान ने अपने व्यापक नौसैनिक अभ्यास के साथ-साथ अपने सहयोगी अमेरिका और अन्य भागीदारों के साथ संयुक्त अभ्यास भी किया है.