अमेरिका में स्थायी निवास की अनुमति देने वाला 'ग्रीन कार्ड' (Green Card) पाना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है. एक प्रमुख अमेरिकी इमिग्रेशन अटॉर्नी ने चेतावनी दी है कि अब अमेरिकी नागरिक से केवल शादी कर लेना ग्रीन कार्ड की गारंटी नहीं है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने शादी के आधार पर दिए जाने वाले ग्रीन कार्ड के नियमों में सख्ती कर दी है.
30 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले इमिग्रेशन अटॉर्नी ब्रैड बर्नस्टीन के अनुसार, अमेरिकी नागरिकता और अप्रवासन सेवा (USCIS) अब केवल कानूनी कागजात नहीं, बल्कि इस बात की जांच कर रही है कि क्या जोड़ा वास्तव में साथ रह रहा है.
बर्नस्टीन ने स्पष्ट किया, "सिर्फ रिश्ते में होने से ग्रीन कार्ड नहीं मिलता. साथ रहने (Cohabitation) से ग्रीन कार्ड मिलता है. अगर पति-पत्नी एक ही घर साझा नहीं करते हैं, तो उनका केस खारिज होने की पूरी संभावना है."
इमिग्रेशन अधिकारियों को वजह से मतलब नहीं
अटॉर्नी ने चेतावनी दी कि इमिग्रेशन अधिकारी इस बात की परवाह नहीं करते कि जोड़ा अलग क्यों रह रहा है. चाहे कारण काम (Job), पढ़ाई (School), पैसा या कोई और मजबूरी हो, अधिकारियों के लिए दैनिक आधार पर एक साथ रहना ही 'बोनाफाइड मैरिज' (वास्तविक विवाह) का प्रमाण है. यदि आप साथ नहीं रहते, तो इसे 'मैरिज फ्रॉड' मानकर जांच शुरू की जा सकती है.
अधिकारियों को संदेह होने पर वे बिना बताए आपके दरवाजे पर दस्तक दे सकते हैं और आवेदन सीधे खारिज कर सकते हैं.
USCIS कैसे करता है जांच
बर्नस्टीन के अनुसार, USCIS सिर्फ पते नहीं देखता, बल्कि रिश्ते की समग्र वास्तविकता (totality of the relationship) का आकलन करता है. अगर अधिकारियों को लगे कि शादी सिर्फ इमिग्रेशन लाभ के लिए की गई है और साथ रहने की वास्तविक मंशा नहीं थी, तो आवेदन खारिज किया जा सकता है. USCIS का कहना है कि शादी कानूनी रूप से वैध होने के बावजूद, अगर उसमें अच्छी नीयत से साथ रहने का इरादा न हो, तो ग्रीन कार्ड नहीं दिया जाएगा.
ट्रंप प्रशासन की बढ़ती सख्ती
ये बदलाव ऐसे समय में सामने आए हैं, जब ट्रंप प्रशासन इमिग्रेशन पर सख्ती कर रहा है. पहले ही डाइवर्सिटी वीजा (DV) लॉटरी को निलंबित किया जा चुका है और ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए वर्क परमिट की अवधि घटाकर 18 महीने कर दी गई है. इसके अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप ने 19 'चिंताजनक देशों' से आए ग्रीन कार्ड धारकों की व्यापक समीक्षा के आदेश भी दिए हैं. यह कदम हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के बाद उठाया गया है, जिनमें ग्रीन कार्ड धारक शामिल थे.
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे माहौल में शादी के आधार पर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को कानूनी सलाह लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए, खासकर अगर पति-पत्नी एक साथ नहीं रह रहे हों.