रूस ने यूक्रेन के साथ जंग शुरू कर दी है. यूक्रेन की धरती पर रूसी टैंक कहर बरपा रहे हैं, मिसाइलें दागी जा रही हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. अमेरिका-ब्रिटेन जैसे देश यूक्रेन संग खड़े नजर आ रहे हैं, भारत ने न्यूट्रल स्टैंड ले रखा है और अब चीन ने भी अपना रुख साफ कर दिया है.
UNGA की बैठक में चीन ने जारी बयान में कहा है कि सभी पार्टियों को धैर्य से काम करना होगा और किसी भी ऐसे कदम से बचना होगा जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ सके. चीन के मुताबिक किसी भी देश की सुरक्षा और अखंडता को लेकर उनकी रणनीति हमेशा से एक समान रही है. यूएन चार्टर के जो भी सिद्धांत हैं, उसका दोनों ही देशों द्वारा पालन होना चाहिए.
चीन ने अपने बयान में ये भी कहा है कि उसे यूक्रेन में जारी विवाद की पूरी जानकारी है. लंबे समय से रूस संग उनकी तकरार चल रही है. उस तकरार की वजह से ही अब स्थिति इतनी तनावपूर्ण बन गई है. अभी के लिए चीन खुलकर रूस का समर्थन नहीं कर रहा है लेकिन इतना जरूर कह रहा है कि सभी को बातचीत के जरिए ही किसी समाधान पर पहुंचना होगा. चीन ने रूस का बचाव करते हुए भी बड़ा बयान दिया है.
स्पष्ट कहा गया है कि रूस ने लगातार कहा है कि वो बातचीत करने को तैयार है, उसकी युद्ध लड़ने की कोई इच्छा नहीं है. ऐसे में चीन चाहता है कि कूटनीतिक रास्ते के जरिए ही इस तनाव का समाधान निकले और वो खुद इस महत्वपूर्ण काम में सक्रिय भूमिका निभा सकता है.
अब ऐसे में चीन ने रूस और यूक्रेन को लेकर जरूर नपा-तुला बयान दिया है, लेकिन अमेरिका को लेकर तल्ख टिप्पणी की गई है. चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवत्का ने कहा है कि अमेरिका को किसी भी तरीके से चीन या फिर दूसरे देशों के अधिकारों का हनन नहीं करना चाहिए.
रूस यूक्रेन तनाव की बात करें तो अभी दोनों की तरफ से बड़े दावे हो रहे हैं. यूक्रेन दावा कर रहा है कि 50 रूसी सैनिक मार गिराए गए हैं तो वहीं राष्ट्रपति कार्यालय के सलाहकार का दावा है कि यूक्रेन के भी 40 जवान मारे गए हैं.