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टेरर फंडिंग में दोषी ठहराया गया यासीन मलिक, पाकिस्तान दुनिया के सामने गिड़गिड़ाया

कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराया गया है जिसे लेकर पाकिस्तान लगातार भारत को निशाना बना रहा है. अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुनिया के नेताओं से अपील की है कि वो कश्मीर में राजनीतिक कैदियों के साथ भारत के कथित दुर्व्यवहार पर मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराएं.

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शहबाज शरीफ ने यासिन मलिक को लेकर एक ट्वीट किया है (Photo- AFP) शहबाज शरीफ ने यासिन मलिक को लेकर एक ट्वीट किया है (Photo- AFP)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यासिन मलिक ठहराया गया दोषी तो भड़का पाकिस्तान
  • प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया ट्वीट
  • दुनिया के सामने लगाई भारत को दोषी ठहराने की गुहार

जम्मू-कश्मीर के प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के मुखिया यासीन मलिक को दिल्ली कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने को लेकर पाकिस्तान अब दुनिया के सामने उसको बचाने के लिए गिड़गिड़ा रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्वीट कर उसके लिए अपील भी कर डाली है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक ट्वीट कर कहा है कि दुनिया को जम्मू और कश्मीर में राजनीतिक कैदियों के साथ भारत सरकार के दुर्व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए. 

सोमवार को किए गए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'दुनिया को भारत के अवैध रूप से अधिकृत जम्मू और कश्मीर (IIOJ&K) में राजनीतिक कैदियों के साथ भारत सरकार के दुर्व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए. प्रमुख कश्मीरी नेता यासीन मलिक को फर्जी आतंकवाद के आरोपों में दोषी ठहराना भारत के  मानवाधिकारों के हनन की आलोचना करने वाली आवाजों को चुप कराने का निरर्थक प्रयास है. मोदी सरकार को इसके लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए.'

शहबाज शरीफ का ये ट्वीट ऐसे वक्त में सामने आया है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्वॉड सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंचे हैं. अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के इस सम्मेलन के दौरान मोदी सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ वार्ता करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भी उनकी द्विपक्षीय वार्ता होनी है. ऐसे वक्त में शहबाज शरीफ ने ये ट्वीट कर कश्मीर मुद्दे को उछालने की कोशिस की है.

वहीं, अगर यासिन मलिक की बात करें तो दिल्ली के कोर्ट ने बीते गुरुवार को उसे टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराया है. कोर्ट ने माना कि मलिक ने जम्मू-कश्मीर की आजादी के नाम पर क्षेत्र में आतंकवादी और गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने के मकसद से दुनिया भर में एक नेटवर्क बना लिया था.  

मलिक ने कबूला है कि वो जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था. इस मामले में यासीन मलिक को 25 मई को सजा सुनाई जाएगी. यासीन मलिक ने खुद पर लगे आरोपों को चुनौती नहीं देने का फैसला किया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यासीन मलिक पर लगे आरोपों में कम से कम दोषी को आजीवन कारावास की सजा दी जाती है. 

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