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पठानकोट आतंकी हमला: मसूद अजहर पर चार्जशीट को मिली मंजूरी

पठानकोट हमले के मामले में एनआईए को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर और तीन अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की मंजूरी मिल गई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. इसी साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले में सात सैनिक शहीद हो गए थे.

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जैश सरगना मसूद अजहर जैश सरगना मसूद अजहर

पठानकोट हमले के मामले में एनआईए को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर और तीन अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की मंजूरी मिल गई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. इसी साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले में सात सैनिक शहीद हो गए थे.

मसूद और उसके रिश्तेदारों का नाम
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने एनआईए को अनलॉफुल ऐक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट के सेक्शन 18, 20 और 28, एक्सप्लोजिव्स ऐक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोजन चलाने की मंजूरी दी है. इस मामले में मसूद अजहर , उसके भाई अब्दुल रउफ और दो अन्य आतंकवादियों शाहिद लतीफ और कशिफ जान पर केस चलाया जाना है.

पाकिस्तान पर दबाव बनाने में मिलेगी मदद
एनआई जल्द मसूद और इन तीन आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दायर करेगी. सूत्रों ने बताया कि इस चार्जशीट के बाद भारत सरकार संयुक्त राष्ट्र के जरिए मसूद अजहर को 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी' घोषित करवाने के लिए और दबाव बना सकेगी. भारत सरकार इसके लिए कई बार कोशिश कर चुकी है, पर हर बार चीन भारत की कोशिश पर पानी फेर देता है.

फिदायीन आतंकियों ने किया था हमला
पठानकोट मामले में पाकिस्तान के चार लोगों पर आरोप हैं. पाकिस्तान के पंजाब और सिंध के रहने वाले नासिर हुसैन, अबु बकर, उमर फारुख और अब्दुल कयूम नाम के चार फिदायीन आतंकवादियों ने एक जनवरी की रात पठानकोट एयरबेस पर हमला किया था, जिसमें 7 सैनिक शहीद हो गए थे. इसके बाद एनएसजी और सेना ने मिलकर 80 घंटे तक चले ऑपरेशन के तहत सभी आतंकवादियों को मार गिराया था.

रेड कॉर्नर नोटिस हो चुका है जारी
मसूद अजहर, रउफ, जान और लतीफ के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी हो चुका है, पर पाकिस्तान ने अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है. ये आतंकवादी पाकिस्तान में आज भी खुले घूम रहे हैं. अमेरिका ने भी आतंकी कशिफ जान और चार फिदायीन आतंकियों के बीच हुई बातचीत के सबूत सौंपे थे, जिसमें 1,000 से ज्यादा पन्नों की बातचीत शामिल थी.

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