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'तालिबान की पूरी लीडरशिप उड़ाने को तैयार...', रेडलाइन पार कर गया पाकिस्तानी एक्सपर्ट!

अफगानिस्तान पाकिस्तान एक बार फिर से आमने-सामने हैं. पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान को जान माल का भारी नुकसान हुआ है. पाकिस्तान का तो दावा है कि उसके हमले में 100 से ज्यादा मौतें हुई हैं. लेकिन इस बीच पाकिस्तान के बड़े सुरक्षा विशेषज्ञ का बयान दक्षिण एशिया की चिंता बढ़ाने वाला है.

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अफगानिस्तान में PAK हमले के बाद कार्रवाई की मांग. (Photo: AP)
अफगानिस्तान में PAK हमले के बाद कार्रवाई की मांग. (Photo: AP)

पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच का तनाव पूर्ण युद्ध में बदल सकता है. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ कतर के दौरे लगा रहे हैं तो अफगानिस्तान अपने इस बिगडैल पड़ोसी की शिकायत संयुक्त राष्ट्र से कर रहा है. लेकिन टेंशन कहीं से कम होता नहीं दिखता है. इस बीच पाकिस्तान में आज एक और हमला हुआ है इसमें 6 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. 

इस बीच पाकिस्तान के चोटी के सुरक्षा विशेषज्ञ और सैनोबर इंस्टीट्यूट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. कमर चीमा ने अफगानिस्तान के खिलाफ अभूतपूर्व आक्रामक बयान देते हुए कहा है,'अफगानिस्तान का आम आदमी इस तालिबान शासन से मुक्ति चाहता है, पाकिस्तान ने तो बम मारनी ही मारनी है. इमानदारी से कहूं तो पाकिस्तान को अगर सारे का सारा काबुल भी गिराना पड़ गया, तो पाकिस्तान हिचकेगा नहीं, पाकिस्तान को अगर सारे का सारा कंधार भी उड़ाना पड़ गया तो पाकिस्तान हिचकेगा नहीं. पाकिस्तान को अगर सारी की सारी तालिबान लीडरशिप को उड़ाना पड़ा तो पाकिस्तान हिचकेगा नहीं."

कमर चीमा ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि पाकिस्तान अब बर्दाश्त नहीं कर सकता है, अफगानिस्तान तो अफोर्ड कर सकता है, उसकी जो मर्जी वो करे, वो जो मर्जी कर सकते हैं, हम कुछ नहीं कर सकते. वो एक और मुल्क है, हम तो एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र हैं. हम 25 करोड़ लोगों का देश हैं, आप क्या समझते हैं हम अपने लोगों को यू हीं छोड़ दें. आपकी रहमो करम के ऊपर. हम ऐसा कैसे होने दे सकते हैं."

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पाकिस्तान के सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि तालिबान पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा चैलेंज बनते जा रहे हैं. इसलिए हमें अब उनपर 'हिट देम हार्ड' एक्शन की जरूरत है. 

चीमा ने आगे चेतावनी दी कि 2021 में तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से टीटीपी के हमले पाकिस्तान में कई गुना बढ़ गए हैं. बलूचिस्तान के जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैकिंग समेत हाल के कई बड़े हमले अफगान धरती से डायरेक्टेड बताए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "तालिबान की वैधता खत्म हो चुकी है. वे होस्टेज डिप्लोमेसी चला रहे हैं, व्यापार बंद कर रहे हैं और अफगानिस्तान में अंदरूनी गुस्सा बढ़ रहा है. पाकिस्तान को अब मजबूरन लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा.

डॉ. कमर चीमा ने एक प्रमुख पाकिस्तानी चैनल पर कहा, “अमेरिका ने अफगानिस्तान में अपना काम अधूरा छोड़ दिया है. अब पाकिस्तान को वो जॉब फिनिश करनी होगी. तालिबान अगर टीटीपी, दाएश और अल-कायदा को शरण देता रहा तो कोई माफी नहीं. आत्मरक्षा का अधिकार हमें यूएन का चार्टर देता है कि हम सीमा पार हमला करें. उन्होंने कहा कि डिप्लोमेसी की सारी कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं. यूएई, सऊदी अरब, चीन सबने कोशिश की लेकिन तालिबान नहीं माना. अब स्ट्राइक्स जारी रहेंगे."

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हाल के दिनों में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, कुनार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए हैं, जिसमें मुख्य शहरों के अंदर कथित रुप से छिपे आतंकियों को निशाना बनाया गया. 

पाकिस्तान का दावा है कि इस हमले में 100 से ज्यादा 'आतंकी' मारे गए हैं. लेकिन तालिबान ने इन हमलों की निंदा करते हुए नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की मौत का दावा किया है. पर पाकिस्तान ने इसे ‘आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक कार्रवाई’ बताया है. 
 

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