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'दुश्मन ने हिमाकत की तो नतीजे दूरगामी और खतरनाक होंगे', पाकिस्तानी फील्ड मार्शल की गीदड़भभकी

पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह खुद गहरे राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि 'दूरगामी और दर्दनाक' परिणाम की बात करना पाकिस्तान की पुरानी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह अपनी घरेलू जनता को राष्ट्रवाद के नाम पर एकजुट करने की कोशिश करता है.

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पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर का भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान (REUTERS)
पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर का भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान (REUTERS)

पड़ोसी देश पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपने देश की आंतरिक बदहाली और आर्थिक तंगहाली से ध्यान भटकाने के लिए एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगलने लगा है. रावलपिंडी में जनरल हेडक्वार्टर में आयोजित एक समारोह के दौरान उन्होंने गीदड़भभकी देते हुए कहा कि अगर भविष्य में 'दुश्मनों' की ओर से किसी तरह का दुस्साहस किया गया तो इस बार युद्ध का असर सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके नतीजे बेहद खतरनाक और दर्दनाक होंगे.

अपने संबोधन में फील्ड मार्शल ने पाकिस्तान की सैन्य ताकत और जवाबी क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा. हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर भारत का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को स्पष्ट रूप से भारत के खिलाफ चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.

यह बयान इस्लामाबाद स्थित 'पाकिस्तान स्मारक' पर आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान दिया गया. यह कार्यक्रम पिछले साल हुए एक सैन्य संघर्ष की पहली बरसी के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था. इस दौरान फील्ड मार्शल ने न केवल अपनी सेना की प्रशंसा की, बल्कि पड़ोसी देशों को चेतावनी देने के बहाने अपनी आक्रामक छवि पेश करने की कोशिश की.

यह भी पढ़ें: फील्ड मार्शल मुनीर की चौतरफा चुनौती... पाकिस्तानी सेना ने खुद को फंसा लिया

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'सीमित नहीं रहेगा युद्ध'
समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी फील्ड मार्शल ने कहा, 'हमारे दुश्मन यह न भूलें कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है. अगर भविष्य में किसी भी तरह का दुस्साहस करने की कोशिश की गई, तो जंग का दायरा इस बार बहुत बड़ा होगा. हम इसे केवल सीमा तक सीमित नहीं रखेंगे.' 

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकते हैं. भारत और पाकिस्तान के संबंध लंबे समय से सीमा विवाद, आतंकवाद और सुरक्षा मुद्दों को लेकर संवेदनशील रहे हैं. ऐसे में सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले तीखे बयान क्षेत्रीय स्थिरता पर असर डाल सकते हैं.

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