scorecardresearch
 

पाकिस्तान: भ्रष्टाचार में फंसे पूर्व राष्ट्रपति जरदारी के देश छोड़ने पर रोक

जरदारी और उनके सहयोगियों पर अन्य लोगों के नाम पर 4.2 अरब रुपए (तीन करोड़ डॉलर) की हेराफेरी करने का आरोप है.

Advertisement
X
आसिफ अली जरदारी (फोटो-रॉयटर्स)
आसिफ अली जरदारी (फोटो-रॉयटर्स)

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की अगुवाई वाली पाकिस्तान की सरकार ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और 171 अन्य लोगों के देश छोड़ने पर बैन लगा दिया है. इन सबके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जांच चल रही है.

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने यहां प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि कैबिनेट ने पीपीपी नेता और 171 अन्य लोगों को एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (देश छोड़कर बाहर जाने पर नियंत्रण की सूची) में शामिल करने का फैसला लिया है. इससे उन पर देश से बाहर जाने पर रोक होगी.

चौधरी ने कहा, वह (जरदारी) इसे (जांच) को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. उम्मीद है कि आज के बाद वह इसे गंभीरता से लेंगे. उन्होंने कहा, यह पुराना पाकिस्तान नहीं है. अब एक-एक पैसे का हिसाब होता है. फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) और इंटेलीजेंस सर्विसेज (खुफिया विभाग) के सदस्यों के आयोग ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जरदारी और उनकी बहन फरयाल तालपुर और पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व अध्यक्ष हुसैन लवाई समेत अन्य लोगों के खिलाफ आरोपों की जांच शुरू की है. इन पर करीब 29 फर्जी खातों के जरिए कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है.

Advertisement

आयोग की हाल ही में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, जरदारी और उनके सहयोगियों ने अन्य लोगों के नाम पर 4.2 अरब रुपए (तीन करोड़ डॉलर) की हेराफेरी की.

Advertisement
Advertisement