भारत और 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि वे भारतीय डील से अपने निर्यात पर पड़ने वाले किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से निपटने के लिए यूरोपीय अधिकारियों के संपर्क में है.
भारत-EU समझौते को "मदर ऑफ ऑल डील्स" कहा जा रहा है, जो प्रभावी रूप से पाकिस्तान के उस टैरिफ लाभ को खत्म कर देगा जो उसे 'GSP+' योजना के तहत मिलता था.यह योजना दिसंबर 2027 में समाप्त होने वाली है.यूरोपीय संघ वर्तमान में पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन बना हुआ है
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बताया कि 2014 में GSP+ दर्जा मिलने के बाद से यूरोप में पाकिस्तान के कपड़ा निर्यात में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस मामले को द्विपक्षीय रूप से यूरोपीय संघ के सदस्य देशों और ब्रसेल्स स्थित मुख्यालय के साथ उठा रहा है ताकि उसके व्यापारिक हितों की रक्षा हो सके.
परेशान हुआ पाकिस्तान
दोनों पक्षों के बीच कुल व्यापार करीब 12 अरब यूरो का है. अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान EU के साथ मैत्रीपूर्ण और पारस्परिक लाभकारी संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
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एक अन्य सवाल के जवाब में, अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत और UAE के बीच हाल ही में हुई रक्षा वार्ता और उनके बीच हस्ताक्षरित आशय पत्र पर ध्यान दिया है.उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के UAE के साथ करीबी भाईचारे के रिश्ते हैं. हम इन कई तरह के संबंधों को और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम दो आज़ाद देशों के बीच किसी खास समझौते पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे."
अंद्राबी ने पाकिस्तान के अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा बनने की संभावना को भी खारिज कर दिया, और कहा कि गाजा के लिए बोर्ड ऑफ पीस में उसकी भागीदारी का अब्राहम अकॉर्ड्स से कोई लेना-देना नहीं है.