पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में प्रशासन ने चिनाब नदी में संभावित बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में बने सलाल डैम के स्पिलवे गेट खोले हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में चिनाब नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है.
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर एक बड़ा डैम बना है, जो सालाल डैम से जाना जाता है. यह 130 मीटर ऊंचा है और इससे 690 मेगावाट बिजली बनती है. यह भारत का पहला बड़ा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट था जो 1960 में हुई सिंधु जल संधि के तहत बनाया गया था. इस डैम के पीछे करीब 22 किलोमीटर लंबी झील बनती है जिसमें पानी जमा होता है.
भारत ने पिछले साल आतंकी हमले के बाद ही सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था. इस समझौते के तहत तय हुआ था कि तीन पश्चिमी नदियां चिनाब, झेलम और सिंधु का पानी पाकिस्तान को मिलेगा. तीन पूर्वी नदियां सतलज, ब्यास और रावी का पानी भारत को मिलेगा. यह दशकों पुराना समझौता था. लेकिन इसका अंत 2025 में हो चुका है.
पाकिस्तान में क्यों मचा हड़कंप?
चिनाब नदी भारत से बहते हुए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जाती है. जब भारत की तरफ से पानी छोड़ा जाता है, तो वही पानी पाकिस्तान की तरफ बहता है. पाकिस्तान के सियालकोट जिले की डिप्टी कमिश्नर सबा असगर अली ने बताया कि इन गेटों के खुलने से चिनाब में पानी का स्तर दो से तीन मीटर तक बढ़ सकता है. इतना पानी आने से बाढ़ आ सकती है.
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पाकिस्तान ने क्या-क्या किया?
यह अलर्ट 21 मई से 30 मई के बीच के लिए जारी है.