पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के संबोधन के दौरान फिर से कश्मीर राग अलापा. उन्होंने कहा कि हमारी फॉरेन पॉलिसी किसी के खिलाफ नहीं थी. मैंने पहली बार भारत के खिलाफ तब बोला जब भारत ने कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय कानून को 5 अगस्त 2019 को तोड़ा. उन्होंने कहा कि कश्मीर को लेकर भारत से मतभेद हैं. 370 हटने से पहले तक मैंने कभी भी भारत के खिलाफ नहीं बोला. इमरान ने कहा कि जब से मैंने सत्ता संभाली, पहले ही दिन से मैंने ऐसी फॉरेन पॉलिसी बनाई जो पाकिस्तान के लोगों के लिए हो. पाकिस्तान के लोगों के लिए का मतलब ये नहीं है कि हम किसी और से दुश्मनी कर लें.
इमरान ने आरोप लगाया कि छिप-छिपकर नरेंद्र मोदी से नवाज शरीफ मिलते थे. उन्होंने एक किताब का हवाला देते हुए ये बातें कही.
इमरान खान ने कहा कि अमेरिका को मुझसे दिक्कत है, दूसरे दलों या नेताओं से नहीं है. अमेरिका ने रिश्ते खत्म करने की धमकी दी. इमरान ने कहा कि बाहरी लोगों ने यहां के लोगों के साथ मिलकर हमारी सरकार को गिराने की साजिश रची. उन्होंने कहा कि रूस जाने का फैसला हमारे अकेले का नहीं था. मेरे रूस जाने से अमेरिका नाराज हो गया. मेरे हटते ही अमरिका का गुस्सा खत्म हो जाएगा.
रविवार को होगा पाकिस्तान का फैसला: इमरान खान
3 अप्रैल यानी रविवार को नेशनल असेंबली में वोटिंग होगी. उस दिन फैसला हो जाएगा कि हमारा मुल्क किस ओर जाएगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष कह रहा है कि इमरान ने मुल्क खराब कर दिया. मैंने तो साढ़े तीन साल काम किया है, आप तो 30 साल से शासन कर रहे थे. मैं चैलेंज करता हूं कि जो काम मैंने साढ़े तीन साल में किया है, उन्होंने 30 साल के शासन में कभी नहीं किया. मैं आखिरी गेंद तक मुकाबला करता हूं. मैंने कभी हार नहीं मानी. वोटिंग के बाद जो भी रिजल्ट होगा, उसके बाद मैं और तगड़ा होकर सामने आऊंगा.
इमरान ने कहा कि रविवार को पता चलेगा कि कौन अपनी जमीर का सौदा करेगा. कई जगह ये तमाशा चल रहा है. चोरी के पैसे से जनप्रतिनिधियों को खरीदा जा रहा है. पूरी कौम के सामने ये सब हो रहा है. ये मुल्क का सौदा हो रहा है. जो मेरे लोग सौदा करके विपक्ष के साथ बैठे हैं, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि लोग कभी आपको माफ नहीं करेंगे. लोग इसे हमेशा के लिए याद करेंगे कि आपने अपने मुल्क का सौदा किया. आपने आजाद विदेश पॉलिसी को गिराने की साजिश में विपक्ष का साथ दिया.
मीर जाफर और सिराजुद्दौल का जिक्र किया
इमरान खान ने मीर जाफर और सिराजुद्दौल का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ साजिश को रोकने के लिए आखिरी दम तक खड़ा रहूंगा. इस कौम से जो गद्दारी रविवार को होगी, कौम से कहना चाहता हूं कि इनकी शक्लें आप याद रखना. ये कौम न ये भूलेगी और न आपको माफ करेगी, न उनको माफ करेगी जो आपके पीछे हैं. उन्होंने कहा कि मैंने सारी जिंदगी मुकाबला किया है. मुझे कुछ भी विरासत में नहीं मिला है. मैं स्ट्रगल करके यहां तक पहुंचा हूं. मैं किसी सूरत में इस साजिश को कामयाब नहीं होने दूंगा.
रविवार को रैली को संबोधित करते हुए दिखाया था कागज
इमरान खान ने इससे पहले विपक्ष के हमलों का सामना करते हुए उन्हें हटाने के प्रयासों को एक विदेशी साजिश बताया था. रविवार को इस्लामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा था कि उनकी सरकार को गिराने के लिए अतंरराष्ट्रीय साजिश की जा रही है. इस दौरान उन्होंने सबूत के तौर पर अपनी जेब से एक कागज भी दिखाया था.
बुधवार को इमरान सरकार की ओर से एक बैठक बुलाई गई थी जिसमें इस पत्र को मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ शेयर किया गया था. बैठक में बुलाए जाने के बावजूद एमक्यूएम-पी और बलूचिस्तान अवामी पार्टी (बीएपी) ने भाग नहीं लिया था.
मीडिया को इमरान ने साजिश वाला पत्र दिखाने से किया था इनकार
पीएम इमरान ने टीवी एंकरों के एक ग्रुप को भी बुलाया था और उन्होंने कहा था कि पत्र की भाषा धमकी और अहंकार से भरी थी. उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव विफल होने पर पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. हालांकि, इमरान खान ने मीडिया को पत्र नहीं दिखाया था.
बता दें कि इससे पहले आंतरिक मंत्री शेख राशिद ने शुक्रवार और शनिवार को महत्वपूर्ण करार दिया और दोहराया कि प्रधानमंत्री इमरान खान आखिरी गेंद तक लड़ेंगे. प्रधानमंत्री इससे पहले बुधवार को राष्ट्र को संबोधित करने वाले थे लेकिन बिना कोई कारण बताए उनके संबोधन को स्थगित कर दिया गया था.
MQM-P के पास नेशनल असेंबली में सात सीटें हैं और सरकार से अलग होने के अपने फैसले के बाद विपक्ष ने 177 MNA का समर्थन हासिल किया है, जो बहुमत हासिल करने के लिए आवश्यक 172 से पांच अधिक है.
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