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पुतिन के नए फरमान से यूक्रेन से ज्यादा रूस में 'भगदड़', जानिए क्यों देश छोड़ रहे लोग?

व्लादिमीर पुतिन के सैनिकों के तैनाती वाले आदेश के बाद से सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि सैकड़ों लोग रूस छोड़कर भाग रहे हैं. ताकि उन्हें सेना में भर्ती होने के लिए न बुला लिया जाए. पुतिन के ऐलान के बाद से लोगों को समन भेजकर सेना में भर्ती होने के लिए बुलाया जाने लगा है.

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पुतिन के ऐलान के बाद रूस छोड़ रहे तमाम नागरिक पुतिन के ऐलान के बाद रूस छोड़ रहे तमाम नागरिक

यूक्रेन के खिलाफ जारी जंग के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीन लाख रिजर्व सैनिकों को लामबंद करने का ऐलान किया है. ऐसे में जहां एक ओर रूस की सरकार का दावा है कि करीब 10000 लोग अपनी इच्छा से सेना में भर्ती होने के लिए सामने आए हैं. वहीं, ऐसी भी खबरें हैं कि कई रूसी नागरिक इस डर से देश छोड़ने लगे हैं कि उन्हें कहीं जंग में उतरना न पड़े. 

व्लादिमीर पुतिन के सैनिकों के तैनाती वाले आदेश के बाद से सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि सैकड़ों लोग रूस छोड़कर भाग रहे हैं. ताकि उन्हें सेना में भर्ती होने के लिए न बुला लिया जाए. पुतिन के ऐलान के बाद से लोगों को समन भेजकर सेना में भर्ती होने के लिए बुलाया जाने लगा है.

पुतिन का 3 लाख सैनिकों की लामबंदी का ऐलान ऐसे वक्त पर आया, जब रूस यूक्रेन के चार हिस्सों को मिलाने की तैयारी में है. इसके लिए रूस शुक्रवार से इन इलाकों में जनमत संग्रह शुरू कराने जा रहा है. इन इलाकों में रहने वाले लोग 23-27 सितंबर के बीच अपना वोट डाल सकेंगे.

रूस की सेना ने कहा कि पुतिन के ऐलान के बाद 24 घंटे में 10 लाख लोग सेना से जुड़ने के लिए आगे आए समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में अरमेनिया भाग रहे दिमित्री नाम के शख्स ने बताया, मैं युद्ध में नहीं जाना चाहता. मैं इस मुर्खतापूर्ण युद्ध में नहीं लड़ना चाहता हूं. हालांकि, रूस का कहना है कि नागरिकों के देश छोड़ने संबंधी खबरें बढ़ा चढ़ा कर दिखाई जा रही हैं.

रूस की एक प्रमुख यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे 26 साल के छात्र सर्गेई (बदला हुआ नाम) ने बताया कि पुतिन के ऐलान के कुछ समय बाद उनके घर की रिंग बजी. उन्होंने देखा तो दो लोग सादे कपड़ों में उनके दरवाजे पर खड़े थे, उनके हाथ में सैन्य दस्तावेज थे, इन पर सर्गेई को हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया. 

पढ़ें: 'घर में हाथ कैसे तोड़ें', पुतिन के ऐलान के बाद रूस में गूगल पर सर्च कर रहे हैं लोग

हालांकि, रूस की सरकार की ओर से कहा गया है कि केवल उन्हीं लोगों को बुलाया जाएगा, जिन्होंने सैन्य सेवा की और उनके पास विशेष कौशल और युद्ध का अनुभव है. लेकिन सर्वेई को कोई सैन्य अनुभव नहीं है. ऐसे में उनके पिता चिंतित हैं, क्योंकि रूस में सैन्य ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर न करना आपराधिक माना जाता है.

कैलिनिनग्राद में रहने वाले एक अन्य व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि ड्राफ्ट से बचने के लिए कुछ भी करेगा. उसने कहा, मैं अपना हाथ तोड़ दूंगा, मेरा पैर तोड़ दूंगा, मैं जेल जाऊंगा, इस चीज से बचने के लिए कुछ भी करूंगा."

व्लादिमीर पुतिन ने आंशिक तौर पर तीन लाख रिजर्व सैनिकों को तैनात करने का आदेश दिया है. इनमें सेना से रिटायर हो चुके जवान भी शामिल हैं. रूस में सैन्य प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है. रूस में 18 से 27 साल के युवाओं को एक साल की  'अनिवार्य सैन्य सेवा' करनी होती है. एक अनुमान के मुताबिक, रूस में 20 लाख रिजर्व सैनिक हैं. ये वे लोग हैं, जिन्होंने अनिवार्य सैन्य सेवा के तहत मिलिट्री ट्रेनिंग ले रखी है. 

रूस लगभग 2.5 करोड़ लोगों को सैन्य सेवा के लिए लामबंद कर सकता है. हालांकि, पुतिन ने सिर्फ 3 लाख सैनिकों के लामबंदी का ऐलान किया है. राष्ट्रपति पुतिन ये साफ कर चुके हैं कि अनिवार्य सैन्य सेवा के तहत ट्रेनिंग लेने वाले लोगों को यूक्रेन में लड़ने के लिए नहीं भेजा जाएगा. 

 

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