शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर बदलाव हो रहे हैं. इसी बीच, बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने एक हाईकोर्ट के उस फैसले को नकार दिया, जिसमें 'जॉय बांग्ला' को बांग्लादेश का राष्ट्रीय नारा घोषित किया गया था. यह नारा पूर्व पीएम और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान द्वारा लोकप्रिय किया गया था.
नई अंतरिम सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को निलंबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में 2 दिसंबर को एक याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट के अपीलीय डिवीजन की चार सदस्यीय बेंच ने मंगलवार को इस याचिका पर फैसला सुनाया. अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय नारा सरकार की नीति का मामला है और न्यायपालिका इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती.
अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल अनीक आर हक ने कहा, “इस अपीलीय डिवीजन के आदेश के बाद, 'जॉय बांग्ला' को राष्ट्रीय नारा नहीं माना जाएगा.”
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश की कोर्ट से नहीं मिली हिंदू संत चिन्मय दास को राहत, वकील पर हुआ हमला
हाल ही में, बांग्लादेश ने अपनी करेंसी नोटों से मुजीबुर रहमान की तस्वीर को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश की बैंक में नए नोट छापे जा रहे हैं, जिसमें इसी साल जुलाई महीने में हुए छात्र आंदोलन की झलक को शामिल किया जाएगा. बता दें कि इस आंदोलन ने शेख हसीना को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया था. इसके बाद मुहम्मद युनुस को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था.
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश से लौटकर भारतीय विदेश सचिव ने शेख हसीना पर दिया बड़ा बयान
केंद्रीय बैंक के अनुसार, 20, 100, 500 और 1,000 टाका के नोटों की छपाई अंतरिम सरकार के निर्देशों पर की जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार, 'नए नोटों में 'बंगबंधु' शेख मुजीबुर रहमान की फोटो नहीं होगी.'