इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते साल अपने देश में सबसे लंबे समय तक शासन करने का रिकॉर्ड बनाया था. अब उनके नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. नेतन्याहू इजरायल के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए है जिन्हें पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप में कोर्ट में पेश होना होगा.
सुरक्षा गार्डों से घिरे, नेतन्याहू रविवार को भ्रष्टाचार के आरोपों में येरूशलम की जिला अदालत में पेश होंगे. कई दशकों से चुनाव के बैलेट बॉक्स पर जीत का पताका लहराने वाले नेतन्याहू के राजनीतिक करियर पर भ्रष्टाचार का यह केस बट्टा लगा सकता है.
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नेतन्याहू पर धोखाधड़ी, विश्वास भंग करने और कई मामलों में रिश्वत लेने का आरोप है. उन पर अमीर मित्रों से शैंपेन और सिगार के डिब्बों जैसे महंगे उपहार स्वीकार करने के बदले ऐसे कारोबारी परिवारों के अनुकूल समाचार कवरेज के लिए मीडिया मालिकों को उनके पक्ष में करने का आरोप है.
नेतन्याहू पर सबसे गंभीर आरोप एक प्रमुख टेलीकॉम कंपनी के मालिक को एक फर्म के मालिकाना हक वाले लोकप्रिय समाचार वेबसाइट के संपादकीय को प्रभावित कर करोड़ों डॉलर का मुनाफा दिलवाना है.
हालांकि नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि वह अतिशयोक्तिपूर्ण पुलिस, पक्षपाती अभियोजकों और शत्रुतापूर्ण मीडिया द्वारा "तख्तापलट की कोशिश" का शिकार हुए हैं.
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इजरायल के हिब्रू विश्वविद्यालय के एक राजनीतिक वैज्ञानिक, गेल ताशीर ने कहा, "यह राज्य की दलील है." उन्होंने कहा, नेतन्याहू का दावा है कि "एक अघोषित आंदोलन उसे सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि वह अधिकारों का प्रतिनिधित्व करते हैं.