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गाजा में रिफ्यूजी कैंप पर जबरदस्त हमला, IDF के हमले में मारे गए 25 फिलिस्तीनी

इजरायल ने एक बार फिर फिलिस्तीनी नागरिकों पर कहर बरपा दिया. मध्य गाजा पट्टी के नुसीरात शरणार्थी शिविर पर इजरायली सेना ने हवाई हमले किए. इस हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई. वहीं, एक अपार्टमेंट को निशाना बनाकर हुए हमले में आठ फिलिस्तीनी मारे गए.

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इजरायल ने एक बार फिर फिलिस्तीनी नागरिकों पर कहर बरपा दिया.
इजरायल ने एक बार फिर फिलिस्तीनी नागरिकों पर कहर बरपा दिया.

इजरायल ने एक बार फिर फिलिस्तीनी नागरिकों पर कहर बरपा दिया. मध्य गाजा पट्टी के नुसीरात शरणार्थी शिविर पर इजरायली सेना ने हवाई हमले किए. इस हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई. वहीं, एक अपार्टमेंट को निशाना बनाकर हुए हमले में आठ फिलिस्तीनी मारे गए. इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इजरायल का कहना है कि उसे अपार्टमेंट में हमास के लड़ाकों के छिपे होने की खबर मिली थी. इसके बाद उसने ये हमला किया. वहीं फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इजरायल के हमले में मारे गए सभी आम लोग हैं, जिन्हें इजरायल ने निशाना बनाया. इसके साथ ही फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पूरे इलाके में इजरायली सैन्य हमलों में 33 लोग मारे गए.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि इजरायल ने हाल के दिनों में गाजा में अपने हवाई हमले तेज किए हैं. वो भी ऐसे समय में जब एक साल से जारी इजरायली बमबारी को रूकवाने के लिए बातचीत का दौर जारी है. कतर से लेकर मिस्र तक गाजा में युद्धविराम के लिए बातचीत चल रही है. इसके साथ ही अमेरिकी विदेशी मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इजरायल के दौरे पर हैं.

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वो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को युद्धविराम के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ समय पहले ही कतर ने गाजा में युद्धविराम और बंधकों की अदला-बदली के लिए मध्यस्थता के लिए तैयार होने का ऐलान किया था. कतर के प्रवक्ता माजिद बिन मोहम्मद अल अंसारी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि कतर युद्धविरम वार्ता में जुड़े मध्यस्थों के साथ जुड़ गया है. 

उन्होंने कहा कि हम सभी पक्षों को सुन रहे हैं. यह कहना उचति नहीं है कि दबाव एक पक्ष पर होना चाहिए. दोनों पक्षों पर दबाव डालना होगा. हाल में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, जो युद्ध विराम वार्ता को आगे बढ़ा सकते हैं. इससे पहले नवंबर में कतर ने मुख्य मध्यस्थ के रूप में खुद को ये कहते हुए अलग कर लिया था कि हमास और इज़रायल बातचीत में गंभीरता नहीं दिखाते.  

उधर, गाजा में बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों की रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा. शनिवार को एक बार फिर हजारों प्रदर्शनकारी तेल अवीव की सड़कों पर उतर आए. इजरायल की सरकार से बंधकों की रिहाई के लिए गाजा में बमबारी रोकने और हमास से तुरंत समझौते की मांग की है. बंधक बनाए गए लोगों के परिजनों और दोस्तों को उनके मारे जाने का डर है. 

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ये प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन मध्य-पूर्व देशों का दौर कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस्तीफा भी मांगा है. देश में आम चुनाव कराए जाने की भी मांग की है. उनका दावा है कि पीएम नेतन्याहू बंधकों को छुड़ाने में अबतक असमर्थन रहे हैं. ऐसे में उन्हे पद छोड़ देना चाहिए. 

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