ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है. एक्स पर एक बड़े पोस्ट में रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से अपील की है और कहा है कि राष्ट्रपति महोदय यह आपके ध्यान, समर्थन और कार्रवाई के लिए एक अर्जेंट और तुरंत अपील है. कल रात आपने लाखों बहादुर ईरानियों को सड़कों पर देखा जो सीधी गोलियों का सामना कर रहे थे. आज वे सिर्फ गोलियों का नहीं, बल्कि पूरी तरह से कम्युनिकेशन ब्लैकआउट का सामना कर रहे हैं. यहां न कोई इंटरनेट है और न ही कोई लैंडलाइन फोन काम कर रहा है.
रजा पहलवी ने कहा है कि अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार ने पूर्ण संचार ब्लैकआउट लगा दिया है.
रजा पहलवी ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं. वह 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान के क्राउन प्रिंस थे. इस्लामी क्रांति के दौरान शाह को देश छोड़ना पड़ा और तभी से रजा पहलवी मुल्क से बाहर हैं और वे अभी अमेरिका में रहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन लगातार उनके संपर्क में है.
निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने अपने पोस्ट में कहा है कि लोगों के हाथों अपने क्रिमिनल राज के खत्म होने के डर से सड़कों पर लोगों को बेरहमी से कुचलने की धमकी दे रहा है. और वह इस ब्लैकआउट का इस्तेमाल इन युवा हीरोज़ का कत्ल करने के लिए करना चाहता है.
रजा पहलवी ने कहा कि मैंने लोगों को उनकी आज़ादी के लिए सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है. मैंने उन्हें बड़ी संख्या में बुलाया है ताकि वे सुरक्षा बलों को काबू में कर सकें. कल रात उन्होंने ऐसा किया. इस क्रिमिनल सरकार के लिए आपका खतरा भी सरकार के गुंडों को दूर रखे हुए है. लेकिन समय बहुत कीमती है. लोग एक घंटे में फिर से सड़कों पर होंगे. मैं आपसे मदद मांग रहा हूं
Mr. President, this is an urgent and immediate call for your attention, support, and action. Last night you saw the millions of brave Iranians in the streets facing down live bullets. Today, they are facing not just bullets but a total communications blackout. No Internet. No…
— Reza Pahlavi (@PahlaviReza) January 9, 2026
आपने यह साबित किया है और मैं जानता हूं कि आप शांति पसंद इंसान हैं और अपनी बात के पक्के हैं. कृपया ईरान के लोगों की मदद के लिए दखल देने के लिए तैयार रहें.
बता दें कि ईरान में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की गोलियों से मरने वालों की संख्या 62 हो गई है. यहां पिछले 24 घंटे में 20 लोग मारे गए हैं.
इधर ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को "ट्रंप का एजेंट" बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को "अहंकारी" कहा, जिनके हाथों पर "ईरानी खून" लगा होने का आरोप लगाया. अली खामेनेई ने भी कुछ देर पहले एक्स पर पोस्ट कहा कि जैसे तानाशाहों का अंत हुआ है उसी तरह ट्रंप और पहलवी का भी अंत होगा.
बता दें कि ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई तो अमेरिका "उनकी मदद" के लिए तैयार है. उन्होंने कहा था, "हम लॉक एंड लोडेड हैं."
प्रदर्शनकारी विशेष रूप से युवा पीढ़ी अब पूरे शासन के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं. प्रदर्शनकारी खामेनेई शासन का खात्मा चाहते हैं. निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर उतरने और नारे लगाने का आह्वान किया है जिसके बाद प्रदर्शन और तेज हुए. यह आंदोलन 2022 के महसा अमीनी विरोध से भी बड़ा और व्यापक दिख रहा है, जिसमें अब आर्थिक मांगें शासन-परिवर्तन की मांग में बदल चुकी हैं.